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INDvsAUS: सिडनी से शुरू होगा टीम इंडिया का विश्व कप सफ़र
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया से उसी की ज़मीन पर पहली बार टेस्ट सिरीज़ 2-1 से अपने नाम कर बुलंद हौसलों से लबालब भारतीय क्रिकेट टीम की निगाहें अब शनिवार से शुरू होने जा रही तीन एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैचों की वनडे सिरीज़ भी अपने नाम करने पर है.
तीन एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ का पहला मैच सिडनी में खेला जाएगा.
टेस्ट सिरीज़ में हार से निराश ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी साख बचाने के लिए पटलवार करने का हरसंभव प्रयास करेगी.
दूसरी तरफ विराट कोहली की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया की हर चाल का जवाब देने के लिए कमर कस चुकी है.
भारतीय टीम में कप्तान विराट कोहली के अलावा रोहित शर्मा, शिखर धवन, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धोनी, दिनेश कार्तिक और अंबाती रायडू जैसे बल्लेबाज़ है.
गेंदबाज़ी में खलील अहमद, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार जैसे तेज़ गेंदबाज़ों के अलावा रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल जैसे स्पिन गेंदबाज़ हैं.
ऑस्ट्रेलियाई टीम कितनी मजबूत
दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान एरॉन फिंच के हाथों में रहेगी. टेस्ट सिरीज़ में तो उनका बल्ला कुछ ख़ास नहीं चला लेकिन एकदिवसीय क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहतरीन है. 96 एकदिवसीय मैचों में उन्होंने 11 शतक और 18 अर्धशतक की मदद से 3,418 रन बनाए हैं.
उनके अलावा ग्लेन मैक्सवैल, शॉन मार्श, मार्कस स्टोइनिस, उस्मान ख़्वाजा और पीटर हैंड्सकॉम्ब अपने बल्ले से टीम की मदद करेंगे.
गेंदबाज़ी में बेहद अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ पीटर सिडल और स्पिनर एडम ज़ैम्पा पर दारोमदार होगा. टेस्ट सिरीज़ में अपना जादू दिखा चुके स्पिनर नाथन लॉयन भी भारतीय बल्लेबाज़ों को काबू करने की कोशिश करेंगे.
भारत की ताक़त
लेकिन कागज़ पर तो भारतीय टीम ही बेहद अनुभवी और हर लिहाज़ से शानदार दिखती है.
रोहित शर्मा और शिखर धवन मिलकर क्या कर सकते हैं यह बताने की ज़रूरत नहीं है. अगर दोनों फॉर्म में हों तो रनों की जैसे बौछार होने लगती है. विराट कोहली को भी रोकना विरोधी गेंदबाज़ों के बस की बात नहीं है.
टेस्ट सिरीज़ में भी विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाज़ी की थी. भारतीय टीम की फील्डिंग भी कमतर नहीं है.
हर तरह से भारत का पलड़ा मज़बूत होने के बावजूद इस सिरीज़ में सबकी नज़र टीम में वापसी कर रहे पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर रहेगी.
उन्होंने इससे पहले कई बार मैच जिताऊ पारी खेली है, लेकिन इन दिनों कहा जा रहा है कि वह पहले जैसे नहीं रहे.
हांलाकि क्रिकेट समीक्षकों का मानना है कि उनसे पहले जैसी उम्मीद रखनी भी नहीं चाहिए लेकिन अगर धोनी टीम में हो तो उनसे इतनी उम्मीद तो की जाती है कि वह जीत में अपना योगदान दें.
विश्व कप की उलटी गिनती शुरू
इस एकदिवसीय सिरीज़ से विश्व कप की भी उलटी गिनती शुरू हो रही है.
शिखर धवन टेस्ट मैचों में अपनी जगह खो चुके हैं लेकिन एकदिवसीय सिरीज़ में वो ज़ोरदार शुरुआत करना चाहेंगे.
गेंदबाज़ी में तो टेस्ट सिरीज़ में यह हाल रहा कि भुवनेश्वर कुमार को मौक़ा ही नहीं मिला.
अब एकदिवसीय सिरीज़ में उनकी लय और लाइन पर भी नज़र रहेगी.
कुलदीप यादव कितने ख़तरनाक स्पिनर है यह तो वह कई बार साबित कर चुके हैं.
चाइनामैन होने से उनकी गेंदों को समझ पाना ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों के लिए भी टेढ़ी खीर ही रहा है.
उनके जोड़ीदार के रूप में चहल भी ख़ासे कामयाब रहे हैं.
शुरुआत बराबरी से
भारत ने अपने ऑस्ट्रेलियाई दौरे की शुरुआत तीन टी-20 मैचों की सिरीज़ से की थी जो 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुई.
उस सिरीज़ का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया ने डकवर्थ लुइस नियम के आधार पर चार रन से जीता.
दूसरा मैच बारिश की भेंट चढ़ा जबकि तीसरा मैच भारत ने छह विकेट से जीता.
दोनों देशों के बीच अभी तक 128 एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैच खेले जा चुके हैं.
इनमें से 45 मैचों में भारत को जीत मिली, 73 मैचों में हार और 10 मैच बेनतीजा रहे.
पिछली बार साल 2016 में स्टीव स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम नें भारत को एकदिवसीय सिरीज़ में 4-1 से करारी मात दी थी.
उस सिरीज़ का आखिरी मैच भारत ने जीत कर किसी तरह से सूपड़ा साफ़ होने से बचाया था. इतना ही नहीं सिडनी में खेले गए उस पांचवे और आखिरी एकदिवसीय मुक़ाबले को भी भारत ने बड़ी मुश्किल से केवल दो गेंद रहते ही जीता था.
भारत के सामने जीत के लिए 331 रनों का विशाल लक्ष्य था जो उसने सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा के 96, शिखर धवन के 78 और मनीष पांडे के नाबाद 104 रनों की मदद से 49.4 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल किया था.
तब ऑस्ट्रेलिया के मिचेल मार्श ने भी नाबाद 102 और डेविड वार्नर ने 122 रनों की शतकीय पारी खेली थी.
लेकिन अब डेविड वार्नर और स्टीव स्मिथ टीम में नहीं हैं जिसका लाभ भारत को टेस्ट सिरीज़ की तरह एकदिवसीय सिरीज़ में भी मिलेगा.
एकदिवसीय सिरीज़ कैसी होगी इसका असली अंदाज़ा पहला मैच खेले जाने के बाद ही होगा.
लेकिन सिडनी की पुरानी यादें और ताज़ा टेस्ट सिरीज़ जीत के बाद हर लिहाज़ से भारत, ऑस्ट्रेलिया से बेहतर स्थिति में है.
ऑस्ट्रेलियाई दौरे से इससे पहले भारत इंग्लैंड में एकदिवसीय सिरीज़ 2-1 से हार चुका है लेकिन अपने घर में उसने पांच मैचों की सिरीज़ में वेस्ट इंडीज़ को 3-1 से हराया था.
वर्ल्ड कप की तैयारी
वैसे इस सिरीज़ के बाद भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड का दौरा करेगी. वहां भारतीय टीम 23 जनवरी से तीन फ़रवरी तक पांच एकदिवसीय और उसके बाद छह फ़रवरी से 10 फरवरी तक तीन टी-20 मैच भी खेलेगी.
और वही भारतीय क्रिकेट टीम की असली परीक्षा होगी. ऑस्ट्रेलिया की टीम के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में मिली जीत तो पहले से ही तय मानी जा रही थी.
अगर भारत ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड को एकदिवसीय सिरीज़ में हराया तो फिर आगामी विश्व कप के लिए उसकी तैयारियों को सही दिशा में जाना माना जाएगा.
कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री कह चुके हैं कि अब टीम में और बदलाव नहीं किये जाएंगे.
ऐसे में अगले दो महीने भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिसकी शुरुआत शनिवार को सिडनी में होने वाले पहले एकदिवसीय मैच से हो जाएगी.
वैसे ऑस्ट्रेलियाई टीम भी अगले महीने भारत का दौरा करेगी. वह भारत में दो टी-20 और पांच एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैच खेलेगी.
इसके बाद भारत में 12वें आईपीएल की शुरुआत हो जाएगी.
लगातार एकदिवसीय सिरीज़ और उसके बाद आईपीएल में अपनी फॉर्म और फिटनेस को बरक़रार रखना भारतीय खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी जिसका असर सीधे-सीधे विश्व कप पर पड़ेगा.
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