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लियोनेल मेसी से भी ज़्यादा गोल करने वाले सुनिल छेत्री
भारतीय फ़ुटबॉल टीम के कप्तान सुनिल छेत्री ने 2019 एशिया कप में थाईलैंड की टीम को हराने के साथ ही एक नया रिकॉर्ड कायम कर लिया है.
सुनिल छेत्री ने गोल करने के मामले में अर्जेंटीना के दिग्गज फ़ुटबॉलर लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है. अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल में सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा गोल करने के मामले में अब वो लियोनेल मेसी को पछाड़कर दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं.
संयुक्त अरब अमीरात में खेले जा रहे एशिया कप के पहले मुक़ाबले में भारत ने थाईलैंड की टीम को हरा दिया. इस टूर्नामेंट में भारत ने 55 साल बाद जीत दर्ज की है, और इस जीत के नायक रहे: भारतीय स्ट्राइकर सुनिल छेत्री.
स्ट्राइकर सुनिल छेत्री ने थाईलैंड के ख़िलाफ खेले मैच में दो गोल किए. इसी के साथ उनके अब तक किए गए गोल की संख्या 67 हो गई और सक्रिय खिलाड़ियों की सूची में लियोनेल मेसी को पीछे खिसकाकर वो दूसरे नंबर पर पहुंच गए.
हालांकि 85 गोल के साथ अब भी पहले स्थान पर बने हुए हैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जिनकी बराबरी के लिए अभी उन्हें और मेहनत करनी पड़ेगी.
अपनी इस नई कामयाबी के साथ 34 वर्षीय सुनिल छेत्री सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में 20वें स्थान पर पहुंच गए हैं.
यहां भी वो मेसी और दिदिएर ड्रोग्बा जैसे खिलाड़ियों से आगे हैं. इस सूची में वो ब्राज़ील के रोनाल्डो से सिर्फ पांच स्थानों की दूरी पर हैं.
कैप्टन फैंटास्टिक
बेंगलुरू फ़ुटबॉल क्लब के लिए खेलने वाले छेत्री को 'कैप्टन फैंटास्टिक' के नाम से भी जाना जाता है. वो लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय टीम में एक ख़ास सितारे की तरह चमकते रहे हैं.
छेत्री ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल 2005 में किया था. इस गोल ने अपने आप में इतिहास रच दिया था, क्योंकि भारत और पाकिस्तान में खेले गए पहले फुटबॉल मुक़ाबले में ये पहला गोल था.
इससे पहले भारत और पाकिस्तान के बीच कोई फ़ुटबॉल मैच नहीं हुआ था. ये खेल 1-1 से ड्रा रहा था.
भारतीय फ़ुटबॉल को हाल के वक्त में सबसे बड़ी सफलता दिलाने में भी सुनिल छेत्री का अहम रोल रहा. साल 2009 के एएफ़सी चैलेंज कप टूर्नामेंट में उन्होंने चार गोल दाग़े थे.
अब तक उन्होंने कुल 105 मैच खेले हैं. उनका औसत देखा जाए तो वो प्रति गेम 0.63 गोल रहा है. हालांकि घरेलू स्तर पर उनका एवरेज थोड़ा कम है.
उन्होंने भारतीय फ़ुटबॉल टीम के अलावा एमएलएस (मेजर लीग सॉकर) और स्पोर्टिंग लिसबन की रिज़र्व साइड के लिए भी लंबे वक्त तक खेला है. एमएलएस पुरुषों की पेशेवर फ़ुटबॉल लीग है, जिसे अमरीकी सॉकर से स्वीकृति मिली हुई है. हालांकि उन्होंने इनमें कोई कामयाबी हासिल नहीं की.
4-1 से मिली जीत ने भारत को अप्रत्याशित रूप से एक ग्रुप में टॉप पर पहुंचा दिया था. इस ग्रुप में बहरीन के साथ-साथ मेज़बान टीमें भी शामिल थीं, जिनके बीच हुआ पहला मुकाबला एक-एक से ड्रा रहा था.
भारत की फ़ुटबॉल टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी मज़बूत नहीं मानी जाती लेकिन इस टीम में सुनिल छेत्री का अपना अलग मुकाम है.
1950 फ़ीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल के भारत ने बाए डिफॉल्ट क्वालिफाई कर लिया था, लेकिन अधिकारियों ने इस टूर्नामेंट को इतना ज़रूरी नहीं समझा और इसे ना खेलना का फैसला किया. इस तरह के फ़ैसले को अब बहुत बड़ा माना जाता है.
लेकिन तबसे वो अब तक इस इस टूर्नामेंट में क्वालिफाई नहीं कर पाए हैं. मैदान पर उनके खराब प्रदर्शन ने दर्शकों को भी निराश किया है.
भारत ने जब 2018 में इंटरकॉन्टिनेंटल कप की मेज़बानी की और ओपनिंग मैच में ही चीनी ताइपे के ख़िलाफ़ 5-0 की शानदार जीत दर्ज की, उस वक्त दर्शकदीर्घा में बहुत ही कम लोग मौजूद थे.
छेत्री ने इस गेम में हैट्रिक बनाई थी. उन्होंने ट्वीटर पर एक वीडियो शेयर कर दर्शकों से टूर्नामेंट में आने की अपील भी की थी.
वो वीडियो उस वक्त वायरल हो गया जब क्रिकेट के दिग्गज स्टार सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ने उसे रीट्वीट किया.
इसके बाद भारत के दो फाइनल मुकाबलों में दर्शक बड़ी तादाद में पहुंचे थे.
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