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एशिया कप: इन पांच अफ़ग़ान से रहना होगा भारत को सावधान
श्रीलंका के पास वनडे में पुराना वाला रुतबा भले ही नहीं है लेकिन बीती 17 सितंबर की रात जब उसके बल्लेबाज़ 250 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे तो ज़्यादातर दांव उनकी जीत पर थे.
लेकिन पारी के 42वें ओवर में लंकाई गेंदबाज़ी के सूरमा लसित मलिंगा के पास अफ़गानिस्तान के सबसे चर्चित गेंदबाज़ी स्टार राशिद ख़ान की गुगली का कोई तोड़ नहीं था.
लंका का आखिरी विकेट गिरते ही अफ़ग़ानिस्तान ने वो इतिहास रच दिया जिसकी इस 'नयी टीम' से उम्मीद कम ही लोगों ने लगाई थी.
राशिद का रंग
श्रीलंका के ख़िलाफ़ जीत पर मुहर लगाने वाले राशिद ख़ान मंगलवार को भारतीय बल्लेबाज़ों का इम्तिहान लेने को तैयार हैं.
आख़िरी बार साल 2014 में किसी वनडे मुक़ाबले में भारत ने अफ़ग़ानिस्तान का सामना किया था और आठ विकेट से आसान जीत हासिल की थी.
लेकिन तब से अफ़ग़ानिस्तान टीम ने लंबी दूरी तय कर ली है.
एशिया कप में भारतीय टीम सबसे दमदार साबित हुई है लेकिन टूर्नामेंट के नंबर वन गेंदबाज़ राशिद ख़ान बने हुए हैं. वो चार मैचों में आठ विकेट ले चुके हैं और उन्होंने हर ओवर में चार से भी कम रन दिए हैं.
बांग्लादेश के ख़िलाफ 136 रन से जीत हासिल कर अफ़ग़ानिस्तान ने जब लगातार दूसरा 'बड़ा धमाका' किया था. तब मैन ऑफ द मैच का ताज राशिद के सिर ही सजा था.
छुपे रुस्तम
विकेट लेने के मामले में दूसरे पायदान पर उनके साथी 'मिस्ट्री स्पिनर' मुजीब उर रहमान हैं. 17 साल के मुजीब सात विकेट ले चुके हैं और रन देने में मामले में वो राशिद से भी ज़्यादा कंसूज हैं और एक ओवर में सिर्फ 3.28 रन ख़र्च कर रहे हैं.
आईपीएल में उनकी गुगली पढ़ने में नाकाम रहने के बाद विराट कोहली का बोल्ड होना तमाम भारतीय ख़िलाड़ियों को याद होगा.
अफ़ग़ानिस्तान के पास ऐसे बल्लेबाज़ भी हैं जिन पर ये टीम इतरा सकती है. हशमत उल्लाह शाहीदी टूर्नामेंट में रन बनाने के मामले में भारत के 'इन फॉर्म' कप्तान रोहित शर्मा से सिर्फ़ छह रन पीछ हैं. वो चार मैचों में 87.66 के दमदार औसत से 263 रन बना चुके हैं.
उन्होंने पाकिस्तान की मजबूत मानी जा रही बॉलिंग लाइन अप के पसीने छुड़ा दिए थे और उस मैच में नाबाद 97 रन की पारी खेली थी. वो भी 82.2 के शानदार स्ट्राइक रेट के साथ.
पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान की ओर से मिला 258 रन का लक्ष्य हासिल करने में पूरा ज़ोर लगाना पड़ा था और उसे आखिरी ओवर में महज तीन विकेट से जीत मिली थी.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में 72 रन बनाने वाले रमहत शाह और मोहम्मद शहजाद भी बल्ले का दम दिखा रहे हैं.
इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय टीम को डरा भले ही नहीं रहा हो लेकिन टीम मैनेजमेंट सावधान जरूर होगा.
ख़ासकर ये देखते हुए कि हांगकांग के ख़िलाफ़ टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में भारतीय टीम को जीत के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी थी.
भारतीय टीम कितनी तैयार
हालांकि, उस मैच के बाद भारतीय टीम ने जोरदार वापसी की. ओपनर शिखर धवन टूर्नामेंट में तीन सौ से ज़्यादा रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज़ हैं. कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला भी गरज रहा है.
जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी रफ़्तार के दम पर विरोधी बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाए हुए है. तो कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल और रविंद्र जडेजा की स्पिन का जादू भी सिर चढ़कर बोल रहा है.
भारतीय टीम फ़ाइनल का टिकट भी बुक कर चुकी है लेकिन आज मुक़ाबला 'बड़ी टीमों' को चौंका रही अफ़ग़ानिस्तान की उस युवा टीम से है जो अपने जोश के ज़ोर से विरोधी की पार्टी ख़राब कर रही है.
फ़ाइनल के ड्रेस रिहर्सल में भारतीय टीम अफ़ग़ानी खिलाड़ियों को हल्के में लेने का जोखिम तो शायद ही लेना चाहेंगे.
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