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फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप 2018: पहली बार 'तीसरी आंख' ने बदला नतीजा
फ़ुटबॉल विश्व कप के इतिहास पहली बार वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद मैच रेफरी को अपना नतीजा बदलना पड़ा.
ग्रुप सी के इस मुक़ाबले में फ्रांस ने ऑस्ट्रेलिया को दो-एक से यह मुक़ाबला हरा दिया.
हुआ यूं कि फ्रांस के खिलाड़ी ऑन्टुऑन ग्रीज़्मैन गेंद के साथ ऑस्ट्रेलियाई गोल पोस्ट की ओर बढ़ रहे थे. लेकिन पेनल्टी बॉक्स में एक ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर ने उन्हें गिरा दिया.
और पेनल्टी किक से मिला गोल
फ्रांस के खिलाड़ियों ने पेनल्टी की अपील की लेकिन मैच रेफरी ने उसे ठुकरा दिया. फ्रांस ने वीएआर सिस्टम के इस्तेमाल की अपील की.
इसके तहत मैच रेफरी मैदान के पास ही लगी एक स्क्रीन पर वीडियो फुटेज देखता है और फिर फैसला लेता है. मैच रेफरी ने फुटेज देखी और फ्रांस को पेनल्टी मिल गई.
ऑन्टुऑन ग्रीज़्मैन ने बिना किसी चूक के गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और इस तरह फ्रांस को मैच में 1-0 की बढ़त मिल गई.
फ्रांस ने यह मैच 2-1 से अपने नाम किया.
ग्रुप सी के ही एक मैच में आज डेनमार्क ने एक गोल से पेरू को हरा दिया. जबकि ग्रुप डी में क्रोएशिया बनाम नाइजीरिया के बीच मैच में दो गोल से क्रोएशिया जीत गया है.
अर्जेंटीना को आइसलैंड ने चौंकाया
ग्रुप डी के एक मैच में आइसलैंड ने अप्रत्याशित तौर पर दिग्गज अर्जेंटीना को एक-एक की बराबरी पर रोक दिया. मैच जब बराबरी पर था तो अर्जेंटीना को पेनल्टी किक का मौक़ा मिला था लेकिन लियोनेल मेसी गोल नहीं कर पाए.
फिनबॉगेसन ने आइसलैंड का इस विश्व कप में पहला गोल किया. आइसलैंड यूरोप का एक छोटा सा देश है जिसकी आबादी चार लाख से भी कम है. अर्जेंटीना को बराबरी पर रोकना उसके लिए बड़ी कामयाबी है.
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