चेन्नई सुपरकिंग्स के शेरों की ज़ोरदार दहाड़

सोमवार का दिन आईपीएल के लिए एक और हाई स्कोरिंग मैच का रोमांच लेकर आया, जहां दोनों ही टीम के बल्लेबाजों ने गेंदबाजों को जमकर पीटा.

दरअसल, पुणे में खेले गए आईपीएल के एक मैच में अंक तालिका में सबसे शीर्ष पर मौजूद चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) का मुक़ाबला हुआ सबसे निचले पायदान पर चल रही दिल्ली डेयरडेविल्स के साथ. इस मैच में चेन्नई ने दिल्ली को 13 रन से हरा दिया.

स्कोरकार्ड पर 13 रनों का हार-जीत का यह अंतर भले टी20 मुक़ाबले के लिहाज़ से बड़ा नज़र आ रहा हो लेकिन मैच में रोमांच कहीं भी कम नहीं था. दोनों टीमों ने मैच के अंतिम ओवर तक जीत की खुशी को अपने डगआउट में लाने की भरपूर कोशिश की.

बल्लेबाज़ों के लिए मुफीद पुणे की पिच पर दिल्ली के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फ़ैसला किया. दिल्ली ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया. टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी और इसी सीज़न में दो मैच पहले तक दिल्ली की कमान संभालने वाले गौतम गंभीर को एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई.

वहीं दूसरी तरफ लगातार शानदार प्रदर्शन करती आ रही चेन्नई की टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए. केरल के 24 वर्षीय तेज़ गेंदबाज़ केएम आसिफ़ और दक्षिण अफ्रीका के लुंगी एनगिडी को टीम में शामिल किया. वहीं पिछले मैच में खास प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले स्पिनर इमरान ताहिर की जगह कर्ण शर्मा को मौका दिया गया और सैम बिलिंग्स की जगह ली फाफ़ डु प्लेसी ने.

धोनी और वॉटसन का कमाल

मैच की शुरुआत से ही माना जा रहा था कि यहां रनों की बरसात होगी. चेन्नई के बल्लेबाजों ने अपने खेल की शुरुआत भी कुछ इसी अंदाज़ में की. शेन वॉटसन और डु प्लेसी की जोड़ी ने शुरुआती 11 ओवर में ही टीम को 100 रन के पार पहुंचा दिया.

डु प्लेसी 33 रन बनाकर आउट हुए. उसके बाद बल्लेबाज़ी करने आए सुरेश रैना हालांकि वो एक ही रन बना सके. थोड़ी देर बाद जमकर बल्लेबाजी कर रहे वॉटसन भी आउट हो गए. वॉटसन ने 40 गेंदों में शानदार 78 रनों की पारी खेली जिसमें सात छक्के और चार चौके शामिल थे.

मैच के 14वें ओवर में मैदान में उतरे टीम के कप्तान और आईपीएल के मौजूदा सीज़न में ज़बरदस्त फॉर्म में चल रहे महेंद्र सिंह धोनी. धोनी ने एक बार फिर पुराने दिनों की यादें ताज़ा करते हुए मैदान के चारों और हवाई फायर करना शुरू कर दिया.

धोनी ने महज़ 22 गेंदे खेलीं और पांच छक्कों और दो चौकों की मदद से नाबाद 51 रन बनाए. मैदान में उनका भरपूर साथ निभाया अंबाती रायडू ने. रायडू ने भी 24 गेंदों में 41 रनों की तेज़ पारी खेली. वो पारी के अंतिम ओवर में रन आउट हुए.

निर्धारित 20 ओवर में चेन्नई की टीम ने चार विकेट गवांकर 211 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया.

दिल्ली का दमख़म

अपने पिछले ही मैच में 200 से ऊपर का स्कोर बनाने वाली दिल्ली डेयरडेविल्स को उम्मीद थी कि वह यहां भी कुछ ऐसा ही कमाल करने में कामयाब हो पाएगी.

लेकिन दिल्ली की शुरुआत उसकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही. पारी के दूसरे ही ओवर में ओपनर पृथ्वी शॉ नौ रन बनाकर आसिफ़ की गेंद का शिकार हुए. उसके बाद कुछ देर बाद कोलिन मुनरो भी आसिफ़ की ही गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे. मुनरो ने 26 रन बनाए.

आसिफ अपना पहला आईपीएल मुक़ाबला खेल रहे थे. उन्होंने अभी तक महज एक प्रथम श्रेणी मैच खेला है.

दिल्ली की सारी उम्मीदें उसके कप्तान श्रेयस अय्यर पर टिकी थीं. जिन्होंने पिछले मुक़ाबले में शानदार पारी खेली थी लेकिन पुणे के मैदान में अय्यर कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाए और 13 रन बनाकर रन आउट हो गए.

लगातार विकेट गंवाने का दबाव दिल्ली की टीम पर दिखने लगा था. हालांकि युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपनी तरफ से तेज़ बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को अंतिम मौके तक मैच में बनाए रखा. पंत ने 45 गेंदों में 79 रनों की पारी खेली.

वहीं विजय शंकर ने भी मैच को रोमांचक बनाने का भरपूर प्रयास किया. उन्होंने 31 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाए. लेकिन आखिर में वो चेन्नई को पुणे के मैदान पर शिकस्त देने में नाकामयाब साबित रहे और दिल्ली की टीम 20 ओवर में 5 विकेट खोकर कुल 198 रन बना सकी.

टॉप पर सीएसके

सीएसके ने इस सीज़न में अभी तक आठ मुक़ाबले खेले हैं जिसमें से 6 में उसे जीत हासिल हुई है जबकि दो मुक़ाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है. हालांकि प्वाइंट टेबल पर यही हाल सनराइज़र्स हैदराबाद का भी है. उसने आठ में से छह मुक़ाबले जीते हैं और दोनों ही टीमों के अंक 12-12 हैं.

लेकिन नेट रनरेट के मामले में चेन्नई की टीम बाज़ी मार ले जाती है और अब तक प्वाइंट टेबल में शीर्ष पर काबिज़ है.

वहीं टेबल के निचले पायदान की बात करें तो यहां तीन टीमें हर मैच के बाद एक दूसरे की जगह बदलती हुई दिखती हैं. मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर बैंगलौर और दिल्ली डेयरडेविल्स, तीनों ही टीमों के अंक 4-4 हैं.

लेकिन दिल्ली की टीम ने सबसे ज्यादा आठ मैच खेले हैं इसलिए उसका नेट रन रेट भी सबसे ख़राब है और यही वजह है कि वह अंक तालिका में सबसे नीचे अपना नाम देख रही है.

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