महेंद्र सिंह धोनी ने दिखाया कि आज भी वही हैं बॉस!

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- Author, टीम बीबीसी हिन्दी
- पदनाम, नई दिल्ली
बुधवार रात साढ़े नौ बजे जब आईपीएल के सबसे रोमांचक मैच के 20 ओवर पूरे हुए तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर (RCB) को धुंधली ही सही, लेकिन अपनी जीत दिखने लगी थी.
विराट कोहली के जल्द आउट होने के बाद दक्षिण अफ़्रीकी जोड़ी (एबी डी विलियर्स और क्विंटन डी कॉक) ने दिखाया कि उन्हें कम करके क्यों नहीं आंका जाना चाहिए.
बीच में टीम लड़खड़ाई. फिर आख़िरी की गेंदों पर वॉशिंगटन सुंदर की छोटी लेकिन असरदार पारी ने बैंगलोर की टीम को 200 के पार पहुंचाया.
और जब कभी पहले खेलने वाली टीम 200 का आंकड़ा पार करती है तो फिर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के लिए चेज़ करना मुश्किल हो जाता है. लेकिन उस टीम के लिए जिसमें महेंद्र सिंह धोनी न हों.
बैंगलोर की टीम को भले आधा मैच बीतने के बाद अपनी जीत दिखी हो लेकिन वो ये नहीं भूली थी कि सामने वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) है, जो भले कितनी भी पिछड़ी दिखे, लेकिन मैच से बाहर कभी नहीं होती.
और इसकी सबसे बड़ी वजह धोनी हैं.
कोहली की टीम का दिल टूटा

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और वही हुआ. विराट कोहली की टीम बल्लेबाज़ी के बाद ख़ुश दिख रही थी लेकिन क़रीब दो घंटे बाद जब उसके खिलाड़ी मैदान से पैर घसीटते हुए बाहर निकल रहे थे, तो चेहरे बुझे हुए थे और गर्दन लटकी हुई थी.
आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि 206 रनों का पीछा कर रही CSK को 100 रन पूरा करने में 12 ओवर लग गए थे.
बाकी बचे 8 ओवर में उसे 106 रन बनाने थे, लेकिन धोनी और अंबाटी रायुडू ने अपनी नपी-तुली पारियों से इस मुश्किल लक्ष्य को मज़ाक सा बना दिया. जो 206 रनों का लक्ष्य पहाड़ सा दिख रहा था, वो 2 गेंद शेष रहते पूरा हो गया.
बेहद सधी पारी में धोनी ने 34 गेंदों पर 70 रन बनाए जिसमें एक चौका और सात छक्के शामिल हैं. उनसे पहले से क्रीज़ पर मौजूद रायुडू ने रीढ़ का किरदार अदा करते हुए 53 गेंदों पर 82 रन बनाए जिसमें तीन चौक्के और आठ छक्के शामिल हैं.
डी विलियर्स की पारी देखकर लग रहा था कि सब कुछ देख लिया लेकिन दूसरी पारी ने पहली को भुला दिया. मैच में कुल 33 छक्के लगे, जो आईपीएल का रिकॉर्ड है. चेन्नई अब तक दो मैचों में 200 से पार का आंकड़ा चेज़ कर चुकी है.
धोनी ने नहीं दिया कोई मौका

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लेकिन दोनों में फ़र्क ये कि रायडू का कैच छूटा और फिर रनआउट हुए. दूसरी तरफ़ धोनी ने सामने वाली टीम को महीन सा भी चांस नहीं दिया और टीम को जीत तक पहुंचाने के बाद ही दम लिया. वो जब पीक पर थे तो उन्हें दुनिया का बेस्ट फ़िनिशर कहा जाता था और बुधवार रात उसी का अक्स दिखा.
इन दिनों भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे कोहली की चूक और RCB की कमज़ोरी ये कि उनके पास आख़िरी के ओवर फेंकने वाले अच्छे गेंदबाज़ ही नहीं बचे थे. और कोहली से ज़्यादा ये बात धोनी को पता थी.
CSK की बल्लेबाज़ी के दौरान एक ओवर या एक पल भी ऐसा नहीं था जब धोनी के चेहरे पर कोई शिकन नज़र आई. न उन्होंने ऐसा कोई शॉट खेला, जिससे लगे के वो जल्दबाज़ी या दबाव में हैं.
जो शॉट मारा, वो इतना सधा था कि बाउंड्री के पार ही पहुंचा. कुछ ओवर ऐसे भी थे जिसकी पांच गेंद पर कोई ख़ास रन नहीं आए लेकिन धोनी ने ज़रा सी टेंशन लिए बिना भी आख़िरी बॉल पर बाउंड्री बटोर ली.
शॉट सेलेक्शन और बॉडी लैंग्वेज में एक ऐसा स्वैग था जो सिर्फ़ धोनी के साथ ही पहचाना जाता है.
अनुष्का शर्मा की हंसी गायब

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धोनी जब तक मैदान पर नहीं उतरे थे, RCB के गेंदबाज़ कमाल कर रहे थे और स्टैंड में बैठी विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा की मुस्कुराहट बढ़ रही थी.
उनके आने के बाद अनुष्का के चेहरे पर चिंता आती गई और मुस्कुराहट चेहरा बदलकर धोनी की पत्नी साक्षी के पास चली गई.
और धोनी को पता था जो उन्होंने किया वो भले सभी के लिए हैरानी का विषय हो लेकिन उनके लिए सामान्य सी बात है.
मैच जीतने के बाद उन्होंने कहा, ''लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज़रूरी बात ये जानना है कि किस गेंदबाज़ के कितने ओवर बचे हैं और कप्तान किसे कब ओवर देगा. आप इसी के हिसाब से प्लान करते और खेलते हैं.''
और उन्हें अच्छे से याद है कि फ़िनिशर का मतलब क्या होता है और कल क्या हो सकता है. ''आप कुछ मैच जीतते हैं, कुछ हारते हैं लेकिन फ़िनिशर का काम होता है काम को पूरा करना और दूसरों की मदद करना. अनुभव बांटना क्योंकि कल शायद आप नहीं खेल रहे होंगे.''
कोहली का चेहरा लटका था

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मैच से पहले कोहली और धोनी हंसते, हाथ मिलाते और गले मिलते देखे गए थे लेकिन जब मैच ख़त्म हुआ तो धोनी मुस्कुरा रहे थे और कोहली बुझे मन से उनसे हाथ मिलाकर आगे बढ़ गए.
दोनों में अच्छी बनती है लेकिन जब एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खेल रहे हों और खाते में हार आए तो शब्दों से झलक भी जाता है. कोहली ने मैच के बाद कहा, ''धोनी बेहतरीन टच में दिख रहे हैं. वो बॉल को बढ़िया तरीके से हिट कर पा रहे हैं लेकिन इस बात का दुख है कि ये हमारी टीम के ख़िलाफ़ हुआ.''
मैच के तमाम उतार-चढ़ाव, डगआउट में बैठे खिलाड़ियों की टेंशन या बंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में मौजूद हज़ारों दर्शकों का कभी 'RCB, RCB' और कभी 'CSK, CSK' चिल्लाना भले किसी पर कोई असर डाले लेकिन इन चीज़ों से धोनी को कोई फ़र्क नहीं पड़ता.
अपने ट्रेडमार्क छ्क्के से मैच ख़त्म करने के बाद जब हरभजन सिंह उत्साहित होते हुए उनकी तरफ़ दौड़े आए और गोद में उठाने की कोशिश की तो धोनी ने इशारे से मना किया, फिर अनमने ढंग से उन्हें ऐसा करने की इजाज़त दे दी.
स्टेडियम के स्टैंड में पीले झंडे लहरा रहे थे, मैदान में पीली ड्रेस में मौजूद खिलाड़ी नाच-कूद रहे थे लेकिन इन सभी के बीच मौजूद एक शख़्स निश्चिंत खड़ा था. माही वे!
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