You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
नागपुर टेस्ट में भारत जीता, 5 ख़ास बातें...
नागपुर टेस्ट के पहले दिन क़रीब-क़रीब तय हो गया था कि ये मैच किस तरफ़ जाना है. अगले दो रोज़ भारतीय बल्लेबाज़ी ने इस पर मुहर लगा दी.
चौथे दिन महज़ औपचारिकता बची थी और श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों ने थोड़ा-बहुत संघर्ष दिखाए बिना ही घुटने टेक दिए.
भारत ने ये मुक़ाबला एक पारी और 239 रन ने जीता. और ये साफ़ हो गया है कि पहले टेस्ट मैच के पहले दिन भारत जो बैकफ़ुट दिख रहा था, वो संयोग मात्र था, उसकी खोई हुई फॉर्म नहीं.
पहला टेस्ट भले ड्रॉ हुआ लेकिन साफ़ था कि रोशनी ने साथ दिया होता तो श्रीलंका की हार तय थी. दूसरे टेस्ट मैच में वही हुआ.
भारतीय टीम इस सिरीज़ में अब 1-0 से आगे है. इस मैच से जुड़ी 5 ख़ास बातें ये रही, जो आपको जानना चाहिए.
पहला दिन: स्पिन और तेज़ गेंदबाज़ी की जुगलबंदी
आम तौर पर भारतीय पिचें धीमे गेंदबाज़ों की मददगार मानी जाती हैं. लेकिन इस सिरीज़ के पहले और दूसरे मैच में टीम के तेज़ गेंदबाज़ों ने भी पूरा जिगर दिखाया है. नागपुर टेस्ट के पहले दिन श्रीलंका की पूरी टीम 205 रनों पर सिमट गई.
टीम के सिर्फ़ दो खिलाड़ी 50 का आंकड़ा पार कर सके. और सारी विकेट भी स्पिनर की झोली में नहीं गईं. तीन विकेट लेकर इशांत शर्मा ने दिखाया कि उनमें अभी दम नहीं है. दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले ये उनके लिए शानदार संयोग है.
दूसरा दिन: भारतीय बल्लेबाज़ी की धमक
पहला दिन ख़त्म होने पर भारतीय टीम ने 11 रन बनाकर एक विकेट गंवाई थी. दूसरा दिन शुरू हुआ और साथ ही शुरू हुआ श्रीलंकाई गेंदबाज़ों और फ़ील्डरों की दौड़-धूप का सिलसिला. 90 ओवर में श्रीलंका को महज़ एक सफ़लता मिली.
मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम ने 301 रन बनाए. पहले मुरली विजय ने शतक लगाया, फिर चेतेश्वर पुजारा ने. दिन ख़त्म हुआ तो स्कोरकार्ड पर 312 रन टंगे थे और आठ विकेट हाथ में थे. क्रीज़ पर खड़े थे पुजारा और विराट कोहली.
तीसरा दिन: कोहली का कमाल
भारत में टेस्ट मैच को अक्सर ज़्यादा दर्शक नहीं मिलते लेकिन रविवार को हालात कुछ बेहतर होते हैं. नागपुर टेस्ट का तीसरा दिन ऐसा ही था और विराट कोहली ने इसे और शानदार बना दिया. भारतीय कप्तान इन दिनों एक-एक कर कई रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं.
तीसरे दिन उन्होंने 213 रनों की शानदारी पारी खेली और बतौर कप्तान पांच दोहरे शतक लगाने के मामले में सबसे ऊपर पहुंच गए. उनके साथ अब सिर्फ़ ब्रायन लारा खड़े हैं. इसके अलावा रोहित शर्मा ने टेस्ट मैच में शानदार वापसी करते हुए शतक लगाया.
चौथा दिन: भारतीय गेंदबाज़ों का कहर
जब बोर्ड पर 610 रन और 400 से ज़्यादा लीड दिखे और सामने दो दिन पहाड़ जैसे खड़े हों तो गेंदबाज़ों के हौसले की उम्मीद की जा सकती है. यही हुआ खेल के चौथे दिन जब मैच शुरू हुआ तो श्रीलंकाई टीम ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी.
नतीजा, एक पारी और 239 रनों से हार. विकेट सारे गेंदबाज़ों ने बराबर बांटी. इशांत को दो, अश्विन को चार, जडेजा को दो और उमेश यादव को दो विकेट मिले.
पांचवीं ख़ास बात: कोहली और अश्विन
हाल में विराट कोहली ने दक्षिण अफ़्रीका जैसे अहम दौरे से पहले थकाऊ क्रिकेट कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाया था और क्रिकेट बोर्ड ने भी कहा था कि इसे गंभीरता से देखा जाएगा.
दरअसल इसी वजह से इस बार पिचें धीमी नहीं बल्कि संतुलित बनाई गई हैं. और तेज़ गेंदबाज़ों ने निराश नहीं किया.
कोहली का बल्ला तो चला ही, साथ ही विजय, पुजारा, रोहित ने भी दिखाया कि टेस्ट में उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता. साथ ही रविचंद्रन अश्विन की भी तारीफ़ करनी होगी.
वो और रवींद्र जडेजा इस बार चर्चा में सबसे आगे तो नहीं रहे, लेकिन अपना काम करते रहे. अश्विन 54 टेस्ट मैचों में 300 विकेट तक पहुंच चुके हैं. सबसे कम टेस्ट मैचों में 300 टेस्ट विकेट हासिल करने का ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है.