52 साल की उम्र और एवरेस्ट फ़तह करने का इरादा

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- Author, राखी शर्मा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
एवरेस्ट फ़तह करने वाली अबतक भारत की सबसे उम्रदराज़ महिला प्रेमलता अग्रवाल रहीं, जिन्होंने ये उपलब्धि 48 साल की उम्र में हासिल की. अब ये ख़िताब अपने नाम करने की कोशिश 52 साल की संगीता एस बहल कर रही हैं.
गुरुग्राम की रहने वाली संगीता ग्रूमिंग कन्सलटेंसी चलाती हैं और पर्वतारोहण उनका जुनून है. वो दुनिया के सात महाद्वीपों के सबसे ऊंचे शिखरों में से पांच पर चढ़ाई पूरी कर चुकी हैं. अगले महीने वो छठे शिखर एवरेस्ट के लिए अपना सफ़र शुरू करेंगी.

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2011 में संगीता किलिमंजारो, 2013 में एलब्रस, 2014 में विंसन, 2015 में एंकांकागुआ और कोसियुस्ज़को शिखर फ़तह कर चुकी हैं. पर्वातरोहण का शौक संगीता के लिए ज़्यादा पुराना नहीं है. उन्होंने लगभग 47 की उम्र में पहली बार किलिमंजारो पर चढ़ाई की और ये अचानक हुआ.

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इसके बारे में वे बताती हैं, "मेरे पति की बकेटलिस्ट में किलिमंजारो फतह करना था. इस चढ़ाई पर मेरे पति के भाई को उनके साथ जाना था जो हो नहीं सका. फिर उन्होंने मुझसे साथ चलने को कहा. मैंने उनसे पूछा कि पर्वतारोहण में क्या करना होता है. उन्होंने कहा कि चढ़ना होगा, टैंट में रहना होगा. थोड़ी ट्रेनिंग कर वज़न भी कम करना होगा. ये मज़ेदार लगा तो मैंने हां कह दी."
संगीता अबतक छह शिखर फ़तह कर चुकी होती अगर 2015 में उत्तरी अमेरिका के डेनाली पर्वत पर वो दुर्घटना का शिकार नहीं हुई होती.

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चढ़ाई के दौरान उनका घुटना टूट गया जिसके बाद सर्जन ने उन्हें पर्वतारोहण छोड़ने की सलाह दी.
मुश्किल वक्त को याद करते हुए वे कहती हैं, "मैंने वो समय एक चुनौती की तरह लिया. डॉक्टरों ने मुझे नौ महीने आराम की सलाह दी. मेरा घुटना दोबारा जोड़ा गया. लेकिन मुझे सातों शिखर पूरे करने थे. मैंने साढ़े चार महीने तक फिज़ियोथेरेपी ली."
"पांचवे महीने में मैंने अपने पति से कहा कि अब मैं दोबारा कोशिश करना चाहती हूं. चोट लगने के छह महीने से भी कम समय में मैं एंकांकागुआ पर्वत पर थी."

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लेकिन 52 की उम्र क्या उनके हौसले को चुनौती देती है, इस पर संगीता ने बताया, "52 की उम्र में मैं 22 से भी ज़्यादा फिट महसूस कर रही हूं. मुझे लगता है उम्र सिर्फ एक संख्या है. अगर अपने जुनून को हासिल करने की आपकी तैयारी पूरी है तो जीत आपकी होगी."
संगीता ने शुरुआती चार शिखरों पर अपने पति अंकुर बहल के साथ चढ़ाई की. लेकिन डेनाली पर हुई दुर्घटना के बाद से दोनों अलग-अलग चढ़ाई करते हैं.
"मेरे पति सातों शिखर फतह कर चुके हैं. इसलिए एवरेस्ट को लेकर मुझे उनके अनुभव से काफी टिप्स मिल रहे हैं."
संगीता भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाक़ात कर चुकी हैं. ये मुलाक़ात भी उनके पर्वतारोहण की तरह अचानक हुई.

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"मैं जब 2015 में एकांकागुआ पूरा कर नीचे आई, तो मुझे काफी गर्व महसूस हुआ क्योंकि ये चढ़ाई मैंने चोट के बाद घुटने में ब्रेस के साथ पूरी की थी."
"मैंने यूं ही राष्ट्रपति जी के नाम एक ईमेल किया जिसका जवाब मुझे आ गया. राष्ट्रपति जी ने मुझसे और मेरे पति से मुलाक़ात की. ये कभी ना भूलने वाला अनुभव रहा."
संगीता एवरेस्ट की यात्रा करीब दो महीने में पूरा करेंगी, जिसकी समाप्ति 15 मई के आस-पास होगी.
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