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ओलंपिक चैंपियन मो फ़राह ने डोपिंग के आरोपों से किया इनकार
ओलंपिक चैंपियन और ब्रिटेन के एथलीट सर मो फ़राह ने कहा है कि वो क्लीन एथलीट हैं और डोपिंग से उनका कोई लेना-देना नहीं है.
मीडिया में लीक हुई कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हो सकता है कि मो फराह के अमरीकी कोच ने अपने कुछ एथलीटों का प्रदर्शन सुधारने के लिए एंटीडोपिंग नियमों का उल्लंघन किया है.
अमरीकी एंटी डोपिंग एजेंसी (यूएसएडीए) की मार्च 2016 की कथित रिपोर्ट संडे टाइम्स को मिली है.
ओलंपिक में 5000 मीटर और 1000 मीटर में गोल्ड मेडल जीतने वाले फ़राह ने कहा, "यदि यूएसएडीए या किसी अन्य एंटी डोपिंग एजेंसी के पास कोई सुबूत है तो उन्हें इन्हें सामने लाना चाहिए न कि मीडिया को जज या ज्यूरी बनने का मौका देना चाहिए."
फ़राह के कोच अल्बर्टो सालाज़ार सवालों के घेरे में हैं. बीबीसी पैनोरमा प्रोग्राम में उनके प्रशिक्षण शिविर में ड्रग्स के इस्तेमाल के आरोप लगे थे.
संडे टाइम्स के अनुसार लीक रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सालाज़ार ने बगैर किसी मेडिकल कारणों से नियमित रूप में फ़राह और अन्य एथलीटों को ड्रग्स दी.
कहा जा रहा है कि यूके एथलेटिक्स के सलाहकार सालाज़ार के ख़िलाफ़ जून 2015 से जाँच चल रही है.
हालाँकि फ़राह और सालाज़ार दोनों ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने कभी एंटी डोपिंग नियमों को तोड़ा.
33 वर्षीय फ़राह ने कहा, "ये बेहद निराशाजनक है कि मुझे इस मुद्दे पर बयान जारी करना पड़ रहा है."
बीबीसी अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर सका है कि संडे टाइम्स की कथित लीक रिपोर्ट सही है या नहीं.
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