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ओलंपिक चैंपियन मो फ़राह ने ट्रंप के आदेश की आलोचना की
प्रवासियों पर ट्रंप के फ़रमान की ब्रिटेन के चार बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता सर मो फ़राह ने आलोचना की है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने आदेश ने उन्हें अनिश्चितता में डाल दिया है कि वह फिर से अमरीका लौट सकते हैं या नहीं.
33 साल के फ़राह का जन्म सोमालिया में हुआ था, लेकिन वह पिछले छह सालों से अमरीका के ओरेगॉन राज्य में रह रहे थे. शुक्रवार को अमरीका में जारी किए गए आदेश के मुताबिक़ सोमाली नागरिक भी अमरीका नहीं आ सकते.
फ़राह ने कहा, ''यह काफ़ी दुख पहुंचाने वाला है कि मुझे अपने बच्चों से कहना होगा कि मैं शायद घर वापस नहीं आ पाऊं.''
ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर पूरे अमरीका में शरणार्थी कार्यक्रम को रद्द कर दिया था. इसके साथ ही 90 दिनों के लिए उन्होंने ईरान, इराक़, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों के अमरीका आने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह आदेश उन लोगों पर भी लागू होगा जिनके पास दोहरी नागरिकता है.
ट्रंप ने बनाया एलियन
फ़राह ने अपने फ़ेसबुक पन्ने पर लिखा, ''इस साल एक जनवरी को महारानी ने मुझे सम्मानित किया और 27 जनवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने मुझे एलियन बना दिया.''
फ़राह ने कहा, ''ट्रंप की नीति उपेक्षा और पूर्वाग्रह की है. उनकी नीति इस बात का उदाहरण है कि यदि आप संवेदनशीलता और समझ से मुंह मोड़ते हैं तो नफ़रत और अलगाव की ओर बढ़ते हैं.''
यह अभी साफ नहीं है कि आठ साल की उम्र में ब्रिटेन आने वाले फ़राह अमरीका लौट पाएंगे या नहीं.
फ़राह के पास दोहरी नागरिकता नहीं है. वह समझने की कोशिश कर रहे हैं उनके साथ अमरीका क्या सुलूक करेगा. फ़राह इथोपिया के एक ट्रेनिंग कैंप में हैं. वह अगस्त में लंदन में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रहे हैं. आने वाले हफ्तों में उनके अमरीका जाने की कोई योजना नहीं है.
उन्होंने कहा, ''मैं ब्रिटिश नागरिक हूं और पिछले 6 सालों से ब्रिटेन में रह रहा हूं. कड़ी मेहनत करता हूं और समाज में मैंने अपना योगदान दिया है. मैं टैक्स भरता हूं और मैंने अपने चारों बच्चों को यहां साथ लाया था. वे अब इसे अपना घर मानते हैं. मैं और मेरी तरह और लोग कह रहे हैं कि हमारा अब वहां स्वागत नहीं होगा.''
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