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समित गोहिल ने तोड़ा क्रिकेट का 117 साल पुराना रिकॉर्ड
क्रिकेट में इन दिनों रिकॉर्ड टूटने का दौर है. इस बार गुजरात के समित गोहिल ने कीर्तिमानों की किताब में अपना नाम लिखवा लिया है.
ओडिशा के ख़िलाफ़ जयपुर में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफ़ी के तीसरे क्वार्टर फ़ाइनल के आख़िरी दिन गुजरात के सलामी बल्लेबाज़ गोहिल कमाल कर गए.
गुजरात की दूसरी पारी में समित गोहिल ने बतौर सलामी बल्लेबाज़ 359 रनों की नाबाद पारी खेली और कई साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
इस पारी की बदौलत उनकी टीम 641 रनों का पहाड़ खड़ा करने में कामयाब रही.
बैट थ्रू का नया रिकॉर्ड
गोहिल ने बतौर सलामी बल्लेबाज़ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में टीम की पारी के अंत तक नाबाद रह कर, सबसे बड़ा स्कोर खड़ा करने का कीर्तिमान बनाया है.
क्रिकेट की भाषा में इसे बैट-थ्रू कहा जाता है, यानी सलामी बल्लेबाज़ के रूप में उतरना और आउट ना होना.
इस मैच की पहली पारी में समित गोहिल ने सिर्फ़ चार रन बनाए थे, लेकिन दूसरी पारी में 300 के पार चले गए.
45 चौकों और एक छक्के से सजी इस पारी से उन्होंने सरे के बॉबी एबल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने साल 1899 में सॉमरसेट के ख़िलाफ़ 357 रन बनाए थे.
गोहिल प्रथम श्रेणी क्रिकेट के इतिहास में बैट-थ्रू करते हुए तिहरा शतक लगाने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज़ हैं.
उनके और एबल के अलावा डब्ल्यू जी ग्रेस ने 1876 में 318 रन और डब्ल्यू एच एशडाउन ने 1935 में 305 रन बनाए थे.
लारा का रिकॉर्ड कायम
समित भानूभाई गोहिल का जन्म साल 1990 में गुजरात के आणंद में हुआ था.
इस पारी से पहले भी गोहेल का नाम चर्चा में आया था, लेकिन उनके बल्ले से किसी चमत्कारी पारी का इंतज़ार था.
साल 2012 में रणजी करियर शुरू करने वाले गोहिल ने इससे पहले 27 मैचों में 33.61 की औसत से 1412 रन बनाए हैं.
गोहिल के नाम दो शतक और दस अर्धशतक हैं. प्रथण श्रेणी में सबसे बड़ा स्कोर ब्रायन लारा के नाम है, जो 501 रन बनाकर नाबाद रहे थे.