...जब कंगना ने बताया भारत की आज़ादी का नया साल

इमेज स्रोत, Getty Images
बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ट्विटर पर नहीं है. इंस्टाग्राम और कू ऐप पर हैं.
इसी साल पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर ट्वीट की वजह से उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था.
फिर भी ट्विटर पर ज़्यादा ट्रेंड करती है.
अब सोशल मीडिया पर चर्चा के लिए उनकी फ़िल्म का रिलीज़, उसकी टाइमिंग ये सब मायने नहीं रखते.
आजकल देशभक्त कहलाना पसंद करती हैं. दो दिन पहले ही उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया था. उस दिन भी सोशल मीडिया पर छाई थी.
आज एक बार फिर सुख़िर्यों में है.
लेकिन हर बार की तरह किसी फ़िल्म में अदाकारी के लिए नहीं बल्कि अपने उस नए बयान के लिए जिसमें उन्होंने भारत की आज़ादी का नया साल 2014 बताया है.
टाइम्स नाउ की संपादक नाविका कुमार को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, "वो आज़ादी नहीं थी वो भीख थी और जो आज़ादी मिली है वो 2014 में मिली है."
9 नवंबर को निजी टेलिविजन चैनल टाइम्स नाउ ने एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया था, जिसका नाम था, 'सेलिब्रेटिंग इंडिया @75'. उसी मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को बुलाया गया था.
कंगना से बातचीत का मुद्दा 'बॉलीवुड के ग्लोबल प्रभाव' पर था.
उसी दौरान उनसे वीर सावरकर को लेकर सवाल पूछा गया. उसी सवाल के जवाब में कंगना ने बहुत लंबा जवाब दिया, जिसमें आज़ादी की लड़ाई से लेकर कई स्वतंत्रता सेनानियों का ज़िक्र आया.
पूरा सवाल और उसका जवाब टाइम्स नाउ हिंदी के ट्विटर हैंडल पर मौजूद है जो तकरीबन साढ़े सात मिनट का है.
उनके उस बयान का छोटा 24 सेकेंड का क्लिप सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है, जिसमें उन्होंने '1947 में मिली आज़ादी' को 'भीख' बताया है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
बार एंड बेंच के मुताबिक़ आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य प्रीति मेनन ने इस मामले में मुंबई पुलिस से शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की माँग की है.
ग़ौर करने वाली बात है कि बयान देते वक़्त कंगना को इस बात का अहसास भी था. उन्होंने ख़ुद कहा था कि अब मेरे ख़िलाफ़ दस और एफ़आईआर दर्ज होंगे.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2

इमेज स्रोत, Getty Images
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
कंगना के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी खूब आ रही है.
बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, "कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार.
इस सोच को मैं पागलपन कहूँ या फिर देशद्रोह?"
वरुण गांधी के इस बयान को काफ़ी लोगों ने री-ट्वीट किया है.
वरुण गांधी पीलीभीत से सांसद हैं और बीजेपी के सदस्य भी है.
लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के विरुद्ध काफी आक्रामक रहे हैं.
इससे पहले किसान आंदोलन से लेकर गन्ना किसानों की नाराज़गी जैसे कई मुद्दों पर उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से अपनी ही पार्टी पर निशाना भी साधा है.
जिसके बाद से उन्हें हाल में गठित हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह भी नहीं मिली.
वरुण गांधी के अलावा यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने भी ट्वीट कर कंगना के बयान पर प्रधानमंत्री मोदी से जवाब माँगा है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
दूसरे ट्विटर यूजर्स भी इस बयान को लेकर अलग अलग टिप्पणी कर रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 4
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 5
और क्या-क्या कहा कंगना ने
इस इंटरव्यू में कंगना ने अपनी निजी ज़िंदगी, सोशल मीडिया बैन से लेकर देशभक्ति, राजनीति और कई दूसरे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी.
टाइम्स नाउ समिट 2021 में जब कंगना से पूछा गया कि क्या ट्विटर पर उन्हें बैन किया गया है, क्या वह सोशल हैंडल को मिस करती हैं?
इस पर कंगना ने कहा- उन्हें यह अच्छा लगा कि उन्हें बैन किया गया. उन्होंने कहा- बैन शब्द उन्हें काफी पसंद है.
अगले 5 सालों में खुद को कहाँ देखती हैं? इसपर कंगना ने जवाब देते हुए बताया कि वह अगले पांच सालों में खुद को एक वाइफ और एक माँ के तौर पर देखती हैं.
राजनीति में एंट्री करेंगी या नहीं, इस पर उनसे सीधा सवाल नहीं किया गया. लेकिन इशारों इशारों में उन्होंने कहा कि उन्हें फ़िल्मों में करियर पसंद है क्योंकि इसमें पैसे मिलते है, अच्छे कपड़े पहन सकते हैं और अफेयर भी कर सकते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
वीर सावरकर पर बोलते हुए कंगना ने कहा कि उन्हें उनका सही हक़ नहीं मिला उनके साथ अन्याय हुआ.
17 साल की उम्र में 'गैंगस्टर' जैसी फ़िल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वाली कंगना ने 'क्वीन' और 'तनु वेड्स मनु' जैसी फ़िल्मों से बॉलीवुड में अपनी एक ख़ास जगह बनाई है.
तीन नेशनल अवॉर्ड्स समेत कमर्शियल फ़िल्मों में उनका करियर अब तक काफ़ी धमाकेदार रहा है.
कंगना रनौत नेपोटिज़्म से लेकर बॉलीवुड माफ़िया वगैरह पर खुलकर बोलती रही हैं.
कंगना ने पिछले साल अपने एक ट्वीट में मुंबई की तुलना पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से कर दी थी, जिस पर भी काफ़ी बवाल मचा था.
प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की विचारधारा का वो खुल कर समर्थन भी करती है.
कॉपी : सरोज सिंह
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














