रावण और सीता के किरदारों में प्यार, 'रावणलीला' उर्फ़ 'भवई` के ट्रेलर पर हंगामा

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वेब सिरीज़ 'स्कैम 1992' से मशहूर हुए अभिनेता प्रतीक गांधी की नई फ़िल्म भवई को लेकर विवाद थमता हुआ नहीं दिख रहा है.
फ़िल्म का नाम पहले 'रावण लीला' था लेकिन विरोध के बाद इसे बदल कर 'भवई' कर दिया गया. बावजूद इसके कई लोगों ने फ़िल्म के ट्रेलर पर आपत्ति जताई है.
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आरोप लगाए कि फ़िल्म का ट्रेलर रावण का महिमांडन करता है.
एक वर्ग का कहना है कि इसमें राम का अपमान किया गया है और हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है.
नतीजन, रविवार को ट्विटर पर #arrestpratikgandhi और #BanRavanleela_Bhavani ट्रेंड कर रहा है.

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यह फ़िल्म गुजरात की पृष्टभूमि पर आधारित है. इसमें एक एक गाँव की कहानी दिखाई गई है जहाँ रामलीला का मंचन किया जाना है.
निर्देशक हार्दिक गज्जर की ये पहली फि़ल्म है.
ट्रेलर में प्रतीक गांधी को रामलीला में रावण का किरदार निभाते हुए दिखाया गया है, जो उसी रामलीला में सीता का किरदार निभाने वाली लड़की से प्यार करने लगता है.

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संवाद और चित्रण को लेकर विरोध
लोगों ने ट्रेलर में रावण और हिंदू देवी-देवताओं के बीच संवाद और उसके चित्रण को लेकर सवाल उठाए हैं.
ट्रेलर के आख़िर में रावण का किरदार निभाने वाले प्रतीक गांधी को राम का किरदार निभाने वाले शख़्स से बात करते हुए दिखाया गया है. इस संवाद में रावण राम से कहता है, ''तुमने मेरी बहन का अनादर किया और मैंने तुम्हारी स्त्री का. लेकिन तुम लोगों ने तो मेरी बहन की नाक काटी. फिर भी तुम्हारी जय-जयकार क्यों होती है?''

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इसके जवाब में राम का किरदार निभाने वाला कलाकार कहता है, ''क्योंकि मैं भगवान हूँ.''
ट्रेलर के एक अन्य दृश्य में रावण का किरदार निभा रहे प्रतीक गांधी सीता की भूमिका निभाने वाली लड़की से कहते हैं, ''हम दोनों में कुछ चल रहा है.''

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बॉलीवुड पर हिंदू मान्यताओं को ग़लत ढंग से दिखाने के आरोप
इस ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया में एक वर्ग गहरी आपत्ति जता रहा है.
कई लोगों ने राम को धर्म और सत्य की मिसाल बताते हुए लिखा कि उनके नेतृत्व ने एक उदाहरण पेश किया है.
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कई लोगों ने लिखा कि ट्रेलर देख कर प्रतीत हो रहा है कि रावण के कर्मों को सही ठहराया गया है और ये हिंदू मान्यताओं का अपमान किया.
कई लोगों ने आरोप लगाया कि बॉलीवुड लगातार हिंदू धर्म को गलत तरीके के दिखाता रहा है.
विरोध करने वाले कई लोगों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और इनमें से कई एक जैसे ट्वीट देखकर ये प्रतीत हो रहा था कि ये ट्रोलिंग के मक़सद से और फ़ेक अकाउंट से किए जा रहे हैं.

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फ़िल्म नाम बदलने पर क्या बोले प्रतीक?
प्रतीक ने कुछ दिन पहले फिल्म का नाम बदले जानी की जानकारी दी थी.
उन्होंने एक नया पोस्टर इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा था, "मेरे लिए जिस भी कहानी का मैं हिस्सा हूं, वो आपके दिल से जुड़ने का एक तरीका है और किसी सी भावनाओं को आहत पहुंचाने का नहीं."
उन्होंने लिखा था, "हमने एक टीम के तौर पर ये फ़ैसला लिया है कि हम अपनी फ़िल्म का नाम बदलकर भवई कर रहे हैं."
हालांकि कई लोगों ने इसके जवाब में लिखा कि सिर्फ नाम बदलने और फ़िल्म के ट्रेलर के कुछ दृश्य हटाना समस्या का समाधान नहीं है.
वहीं, कई लोगों ने फ़िल्म के ट्रेलर की तारीफ़ भी की.
नाम बदलने से कुछ बदलेगा?
प्रतीक ने इसी हफ़्ते फिल्म को लेकर समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा था, "हम इस फ़िल्म में राम या रावण की व्याख्या नहीं कर रहे. ये उस बारे में नहीं है. इसलिए हमने सोचा कि अगर समाज के किसी तबके की भावनाएं आहत हो रही हैं, तो हमें नाम बदलने से ऐतराज़ नहीं है."
"लेकिन मैं कह सकता हूं कि ये एक व्यापक प्रश्न का जवाब नहीं है. हमने नाम बदल दिया, लेकिन क्या इससे कुछ बदलेगा."
उन्होने कहा कि दर्शकों को फिल्म और हकीकत में फ़र्क करना समझना होगा.
प्रतीक ने कहा, "क्या ऐसा होगा कि हमुमान जी का किरदार निभाने के बाद किसी की शादी नहीं होगी? एक कलाकार का काम है स्क्रीन के ज़रिए कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना. अभिनेताओं की एक निजी ज़िदगी होती है और जब दर्शक ये भूल जाते हैं, तो दिक्कतें होती है. यही इस फ़िल्म की कहानी है."
इससे पहले फिल्म के डायरेक्टर गज्जर ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि फिल्म अच्छा प्रदर्शन करेगी.
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, "दर्शकों ने प्रतीक को प्यार दिया है और मुझे उम्मीद है कि ये इस फिल्म से बढ़ेगा. ये फिल्म हमारे दिल के करीब है और मुझे पूरा भरासा है कि ये दर्शकों का दिल जीतेगी.''
प्रतीक गांधी हंसल निर्देशित स्कैम 1992 में हर्षद मेहता के किरदार से प्रसिदंध हुए थे. वेब सीरिज़ और उनके अभिनय ने बहुत तारीफ़ बटोरी थी.

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पहले भी हुए हैं ऐसे बड़े विवाद
इससे पहले संजय लीला भंसाली की फ़िल्म के नाम रामलीला रखे जाने को लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ था. विरोध के कारण दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की इस फ़िल्म का नाम गोलियों की रासलीला-रामलीला कर दिया गया था.
संजय लीला भंसाली की ही एक अन्य फ़िल्म पद्मावत को लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ था, यहाँ तक कि हिंसा भी हुई थी. फ़िल्म का नाम पहले पद्मावती था जिसे बाद में बदलना पड़ा था.
फ़िल्म में पद्मावती और अल्लाउद्दीन खिलजी के बीच कुछ दृश्यों को लेकर भी भारी विवाद हुआ था जिसे कथित तौर पर बाद में हटा दिया गया था.
इतना ही नहीं, फ़िल्म के एक गाने घूमर में रानी पद्मावती का किरदार निभाने वाली दीपिका पादुकोण की कमर दिखने को लेकर भी विवाद हुआ जिसके बाद स्पेशल इफ़ेक्ट के ज़रिए उनकी कमर ढँक दी गई.
इस फ़िल्म का विरोध इतना बढ़ गया था कि रिलीज़ से पहले निर्देशक संजय लीला भंसाली को अख़बारों में फ़ुल पेज विज्ञापन देकर बताना पड़ा था कि इसमें किसी समुदाय की भावनाओं को आहत नहीं किया गया है.
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