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विराट कोहली पत्रकार के इस सवाल पर खो बैठे अपना आपा
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली एक बार फिर अपने व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं. कोहली की अगुआई वाली टीम इंडिया ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दूसरा टेस्ट भी गंवा दिया और वो भी 7 विकेट की करारी शिकस्त के साथ.
इसके साथ ही भारत ने दो टेस्ट मैच की सिरीज़ 2-0 से गंवा दी. कोहली की टीम का न्यूज़ीलैंड ने वनडे सिरीज़ में भी 3-0 से सफाया किया था.
मैच के बाद कोहली पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे और न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ अपनी हार के कारणों की वजह बता रहे थे, तभी एक पत्रकार ने उनसे ऐसा सवाल पूछा कि कोहली असहज हो गए.
कोहली से पत्रकार ने पूछा कि क्या उन्हें मैदान पर अपनी आक्रामकता कम करने की ज़रूरत है? कोहली को यह सवाल पसंद नहीं आया और उन्होंने पत्रकार पर नाराज़गी जताई.
रविवार को न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन केन विलियमसन और टॉम लाथम के आउट होने के बाद कोहली आक्रामकता के साथ जश्न मना रहे थे.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें भारतीय कप्तान दर्शकों की ओर इशारा कर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.
यह घटना तब हुई थी जब न्यूज़ीलैंड की पहली पारी में मोहम्मद शमी ने टॉम लाथम को पवेलियन भेजा था. हालाँकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई की तरफ़ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
इसी घटना का जिक्र करते हुए पत्रकार ने कोहली से पूछा.
विराट, विलियमसन के आउट होने के बाद विलियमसन और दर्शकों पर आप जिस तरह से चिल्लाए, उस पर आपका क्या कहना है. बतौर भारतीय कप्तान क्या आप नहीं मानते कि आपको मैदान पर अच्छे मिसालें पेश करनी चाहिए?
जवाब में विराट कोहली ने कहा- आप क्या सोचते हैं?
पत्रकार- मैंने तो आपसे सवाल पूछा है?
विराट कोहली- मैं आपसे जवाब पूछ रहा हूँ.
पत्रकार- आपको अच्छे उदाहरण पेश करने चाहिए.
विराट कोहली- आपको पहले ये पता करना चाहिए कि वाक़ई हुआ क्या था और फिर सवाल पूछना चाहिए. आप आधे-अधूरे सवालों के साथ यहाँ नहीं आ सकते. और हाँ, अगर आप विवाद खड़ा करना चाहते हैं तो ये उचित स्थान नहीं है. मैंने मैच रेफरी से बात की है और जो कुछ हुआ उसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.
ऐसा नहीं है कि कोहली पहली बार पत्रकारों से उलझे हों. इससे पहले भी वो कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना आपा खो चुके हैं.
सितंबर 2018 में भी इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ गंवाने के बाद भी एक पत्रकार के ये पूछने पर कि क्या '15 साल की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम' जैसे टैग लेने से टीम की ये दुर्गति हुई है?, कोहली ने इस सवाल पर नाराज़गी जताई थी.
2014 के बाद ये कोहली का सबसे ख़राब दौरा रहा है.
इससे पहले 2014 में उन्हें इस दौर से गुजरना पड़ा था. 2014 इंग्लैंड दौरे पर कुल 15 पारियों में उन्होंने 254 रन बनाए थे. उनका औसत 18 के क़रीब का था. क़रीब छह साल बाद एक बार फिर वह अपने उस ख़राब दौर से गुज़र रहे हैं.
दूसरे टेस्ट में करारी हार
क्राइस्टचर्च के हेगली ओवर स्टेडियम में खेले गए टेस्ट के तीसरे दिन ही भारत को हार का सामना करना पड़ा है.
भारतीय टीम की दूसरी पारी में 124 रनों पर ही सिमट गई. न्यूज़ीलैंड को जीत के लिए 132 रनों की ज़रूरत थी. इस आसान से लक्ष्य को न्यूज़ीलैंड ने तीन विकेट खोकर मात्र 36 ओवरों में हासिल कर लिया.
टॉस न्यूज़ीलैंड ने जीता था जिसके बाद उसने गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया था. पहली पारी में भारतीय टीम 242 रन ही बना पाई थी.
इसके बाद न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम अपनी पहली पारी में 235 रन ही बना पाई थी. पहली पारी के आधार पर भारत को सात रनों की बढ़त मिली हुई थी. लेकिन दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाज़ों का फ्लॉप शो जारी रहा और पूरी टीम 124 रनों पर ढेर हो गई.
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