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कोरोना वायरस की तुलना धार्मिक ग्रंथ क़ुरान से जोड़ने वाले अनुज बाजपेई कौन हैं? - Social
कोरोना वायरस दुनियाभर के लिए मुसीबत बना हुआ है. चीन में इसके चलते अब तक सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं. वहीं, भारत में कोरोना वायरस से जोड़ते हुए एक शख़्स ने साम्प्रदायिक तनाव भड़काने वाला ट्वीट किया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी बहस छिड़ी हुई है.
दरअसल, ट्विटर पर अनुज बाजपेई (@Real_Anuj) नाम के हैंडल का एक ट्वीट वायरल हो रहा है, जो 10 फ़रवरी को किया गया था. हालांकि यह ट्वीट उनकी वॉल पर अब नहीं दिख रहा.
ट्वीट में लिखा था, ''याद रखना, ''कोरोना'' वायरस से भी भयंकर है ''क़ुरान'' वायरस! भारत में 20 करोड़ से भी अधिक संक्रमित!''
हालांकि उस वक़्त इसे लेकर ज़्यादा चर्चा नहीं रही लेकिन मंगलवार (11 फ़रवरी) को टीम अनुज बाजपेई (@LaxmanB60773279) नाम के हैंडल से एक ट्वीट किया गया, जिसके बाद कुछ ही घंटों में ट्विटर पर #Arrest_Anuj टॉप ट्रेंड बन गया.
टीम अनुज बाजपेई ने अपने ट्वीट में लिखा, ''कोरोना वायरस कुछ दिनों पहले आया था और उसका तुरंत इलाज ढूंढ़ लिया गया. लेकिन #क़ुरान वायरस बहुत सालों पहले आया था और उसका इलाज अभी तक सम्भव नहीं हुआ है. मुझे लगता है #क़ुरान वायरस की दवा केवल योगी बाबा के पास है.''
इस ट्वीट को अनुज बाजपेई ने रीट्वीट किया जिसके बाद लोगों ने उन्हें ट्विटर पर घेरना शुरू कर दिया.
हालांकि अनुज बाजपेई के समर्थन में भी हिंदूवादी विचारधारा के लोग उतरे और ट्विटर पर #KeepItUpAnujBajpai ट्रेंड करने लगा.
कौन हैं अनुज बाजपेई?
ट्विटर पर दी गई जानकारी के मुताबिक़, अनुज बाजपेई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय की सपोर्ट टीम का हिस्सा हैं.
अनुज बाजपेई ने अपने बायो में लिखा है, ''उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के काम में सहयोग.'' इसके अलावा उन्होंने अपने वर्किंग पार्टनर अतुल कुशवाहा का नाम भी लिखा है.
अतुल कुशवाहा के बायो में भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के सोशल मीडिया से जुड़े होने का ज़िक्र है.
ट्विटर पर क्या चल रहा है?
ट्विटर पर एक ओर जहां कुछ लोग अनुज को गिरफ़्तार करने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदूवादी विचारधारा के लोग उनकी तारीफ़ कर रहे हैं और ऐसा करते रहने की सलाह भी दे रहे हैं.
अनुज बाजपेई ने मंगलवार को आए दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के लेकर भी ट्वीट किया था और दिल्ली की जनता को मुफ़्तख़ोर बताया था.
अनुज बाजपेई ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह भी ट्वीट किया कि मोदी लहर जिस तरह कम हो रही है इससे स्पष्ट है कि राज्यों में जीत के लिए बीजेपी सिर्फ़ मोदी के भरोसे ना रहे, स्थानीय नेताओं को भी काम करना पड़ेगा.
यही नहीं, अनुज बाजपेई के ट्विटर हैंडल पर बहुत से ट्वीट ऐसे मिलेंगे जो सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ सकते हैं.
कुछ लोग ट्विटर को टैग करके मांग कर रहे हैं कि अनुज के अकाउंट को सस्पेंड किया जाए.
इसके अलावा उत्तर प्रदेश की पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि क्या पुलिस सिर्फ़ मज़हब देखकर ही कार्रवाई करेगी?
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