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गुंजा कपूर कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शर्मिंदा थीं?
ट्विटर पर ख़ुद को विश्लेषक, शौक़िया लेखक और लखनवी बतलाने वाली गुंजा कपूर पिछले दो दिन से सुर्ख़ियों में छाई हुई हैं और सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा है.
गुरुवार को गुंजा कपूर बुर्क़ा पहनकर शाहीन बाग़ पहुँची थीं और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश में वो बेनक़ाब हो गईं.
शाहीन बाग़ से लौटकर गुंजा ने ट्वीट किया, "मैं सुरक्षित हूँ. आप सबके सहयोग व प्रार्थनाओं की शक्ति से बल मिला. दिल्ली पुलिस का शुक्रिया."
गुंजा के जो वीडियो सोशल मीडिया में शेयर हो रहे हैं, उनके मुताबिक़ वे शाहीन बाग़ के प्रदर्शन के बीच पहुँचकर गुप्त तरीक़े से वीडियो रिकॉर्डिंग का प्रयास कर रही थीं जिस वजह से उन्हें पकड़ा गया.
पर विवाद का ताज़ा एंगल यह है कि गुंजा कपूर की पॉलिटिक्स क्या है?
वैसे तो वे ट्विटर पर ख़ुद को दक्षिणपंथी रुझान वाली बताती हैं.
पर अब उनके पसंदीदा नेताओं की फ़ेहरिस्त में नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव तक का नाम लिया जा रहा है.
कौन हैं गुंजा?
गुंजा का ट्विटर हैंडल उनके बारे में काफ़ी कुछ कहता है. वो यूट्यूबर हैं, कथित पत्रकार हैं और सामयिक मुद्दों पर बात करती हैं.
उनके यूट्यूब चैनल 'राइट नरेटिव' के सब्सक्राइबर्स की संख्या सात हज़ार से ज़्यादा है.
शाहीन बाग़ वाली घटना के बाद ट्विटर पर गुंजा की 'शोहरत' बढ़ रही है. फ़िलहाल उन्हें ट्विटर पर 33 हज़ार लोग फ़ॉलो कर रहे हैं.
गुंजा के यूट्यूब चैनल का एक अलग से ट्विटर हैंडल है जिसे छह हज़ार लोग फ़ॉलो करते हैं.
ट्विटर पर उनकी पसंद देखें तो भले ही ख़ुद को वो 'राइट विंग' का बताती हैं, लेकिन उनकी पसंद के दायरे में तमाम राजनीतिक दलों के नेता रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करने वाली गुंजा कपूर ने नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद ट्वीट किया था कि वो तब तक शर्मिंदा हैं जब तक कि नरेंद्र मोदी उनके प्रधानमंत्री हैं. इसके बाद उन्होंने लिखा कि वो 2019 तक का इंतज़ार नहीं कर सकती हैं.
हालांकि, यह ट्वीट अब उनकी प्रोफ़ाइल पर नहीं है.
क्या कह रहे हैं लोग?
पत्रकार अभिसार शर्मा ने ट्विटर पर लिखा है, "ये लड़की सचमुच सबका साथ सबका विकास में यक़ीन रखती है. आप समर्थक, कांग्रेस समर्थक, पहले मोदी जी को नापंसद करने वाली से लेकर मोदी भक्त तक और अखिलेश यादव की प्रशंसक भी. लुटियन की दिल्ली के लिए एकदम फ़िट."
चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी ने गुंजा का शाहीन बाग़ वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, "एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता शाहीन बाग़ में बुर्क़ा पहनकर और ग़लत नाम बताकर दाख़िल होने की कोशिश करती हुई. इस लड़की को गर्व है कि ट्विटर पर मोदी उन्हें फ़ॉलो करते हैं."
पर गुंजा उन लोगों में से नहीं लगतीं जिन्हें इस बात की परवाह है कि लोग उनके बारे में क्या कहते हैं.
नए साल की पहली तारीख़ गुंजा कपूर के लिए किसी तोहफ़े से कम नहीं थी, जब पीएम मोदी ने उन्हें ट्विटर पर फ़ॉलो किया था.
गुंजा ने लिखा था, "मैं इससे बेहतर नए साल का तोहफ़ा नहीं माँग सकती थी. इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का बहुत-बहुत शुक्रिया. भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हम आपके ज़मीनी कार्यकर्ता हैं."
पर शाहीन बाग़ में जो कुछ भी हुआ, उससे इतना तो साफ़ है कि गुंजा को पुलिस की मदद लेनी पड़ी थी. गुंजा का ट्वीट इसे बयान करता है.
लेकिन गुंजा से असहमति रखने वालों की फ़ेहरिस्त में फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी हैं.
स्वरा ने तंज़ भरे लहज़े में ट्विटर पर लिखा, "शर्म करो गुंजा! तुम महफूज़ हो क्योंकि जिन महिलाओं को बदनियती से बदनाम करने गई थी, उन्होंने ही तुम्हें बचाया."
शाहीन बाग़ में क्या हो रहा है?
नागरिकता संशोधन अधिनियम के ख़िलाफ़ दिल्ली के शाहीन बाग़ इलाक़े में कई महिलाएं लगातार धरने पर बैठी हुई हैं.
धरने पर इन महिलाओं को बैठे हुए 50 दिन से भी ज़्यादा समय हो गया है.
दिल्ली चुनावों में भी शाहीन बाग़ की गूंज लगातार सुनी जाती रही क्योंकि इस प्रदर्शन का नाम लेकर ध्रुवीकरण की कोशिशें बार-बार देखने को मिलीं.
हालांकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने शाहीन बाग़ के मामले को तूल नहीं दी और ना ही विपक्षी दल के शाहीन बाग़ से जुड़े सवालों पर कोई ख़ास प्रतिक्रिया दी.
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