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कनेरिया ने कहा, कई लोगों ने मेरा धर्म बदलवाने की कोशिश की, नाकाम रहे #Social
आप पाकिस्तान में सुरक्षित हैं या नहीं?
इस्लाम कबूल कर लीजिए....इस्लाम खरा सोना है
क्या टीम के किसी सदस्य ने आपको जातिसूचक शब्द कहे?
आपको सबसे ज़्यादा ख़ौफ़ किससे लगता है?
दूसरे देशों के कुछ लोग सोचते हैं कि आप पाकिस्तान में खुश नहीं हैं. क्या ये सही है?
ये कुछ ऐसे सवाल थे, जो ट्विटर पर फैन्स ने पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया से पूछे.
गुरुवार को कनेरिया ने #AskDanish सेशन में अपने बारे में कुछ निजी बातें भी बताईं. इस दौरान एक प्रशंसक ने उनसे इस्लाम कबूल करने की बात कही. इस पर कनेरिया ने जवाब देते हुए कहा कि आप जैसे कई लोग कोशिश कर चुके हैं कि मैं अपना धर्म बदल लूं, लेकिन सफल नहीं हो पाए.
आमना गुल नाम के एक ट्विटर हैंडल से कमेंट आया, 'आप प्लीज इस्लाम कबूल कर लीजिए. इस्लाम भगवान है. इस्लाम के बिना कुछ नहीं है. आप की जिंदगी मौत जैसी है. आप इस्लाम कबूल कर लीजिए.' इस पर जवाब देते हुए दानिश कनेरिया ने लिखा, 'आप जैसे कई लोग मेरा धर्म बदलवाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कामयाब नहीं हुए हैं.'
कनेरिया ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि वो पाकिस्तान में पूरी तरह से सुरक्षित महसूस करते हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू होने पर गर्व है.
शोएब की तारीफ़
एक प्रशंसक ने उनसे पूछा, "शोएब अख्तर ने आपको सुर्खियों में रखा…… इसमें आपको कैसा लगा?"
दानिश कनेरिया ने जवाब देते हुए कहा, "उनकी बातें भी उनकी गेंदबाज़ी की तरह धारदार हैं. यह सच है कि मुझे पीसीबी से कोई समर्थन नहीं मिला. वे मुझसे बात भी नहीं करना चाहते थे. मुझे महसूस होता है कि मुझे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय का खिलाड़ी होने की सज़ा मिली."
एक और सवाल के जवाब में दानिश ने कहा, "मैं बार-बार कहूँगा कि मेरे साथ भेदभाव हुआ. ख़ासकर पीसीबी की तरफ़ से. मैं खुद से लगातार ये पूछता रहा कि मेरी अनदेखी इसलिए होती रही क्योंकि मैं हिंदू हूँ."
दानिश ने कहा कि टीम के साथी खिलाड़ी भी उनके साथ भेदभाव करते थे. उन्होंने कहा, "मैं बहुत जल्द उन नामों को सार्वजनिक करूँगा."
इससे पहले, पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने भी कहा था कि उनके कुछ साथी खिलाड़ी टीम के ही एक अन्य खिलाड़ी दानिश कनेरिया के साथ इसलिए पक्षपातपूर्ण व्यवहार करते थे क्योंकि वो हिंदू थे.
शोएब अख़्तर ने ये भी कहा कि कुछ पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया के साथ खाना भी खाने से परहेज़ करते थे.
एक फैन ने कनेरिया से सवाल किया, "आपने कहा था कि आप पाकिस्तान में सुरक्षित महसूस नहीं करते क्योंकि आप पर धर्म बदलने का दबाव है".
इसके जवाब में दानिश ने कहा, "ऐसा नहीं है. मैं सुरक्षित महसूस करता हूं. मेरे शब्दों से नहीं खेलें."
यह पूछे जाने पर कि क्या वो रीराजनीति में तो नहीं आ रहे हैं, कनेरिया ने कहा, "नहीं, कभी नहीं."
2012 में इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने दानिश कनेरिया पर एसेक्स काउंटी के अपने साथियों को कथित तौर पर स्पॉट फ़िक्सिंग के लिए लुभाने का आरोप लगाते हुए उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था.
दानिश कनेरिया अपने मामा अनिल दलपत के बाद पाकिस्तान की ओर से खेलने वाले दूसरे हिंदू खिलाड़ी रहे हैं.
उन्होंने पाकिस्तान के लिए 61 टेस्ट मैचों में 261 विकेट लिए हैं. इसके अलावा वो 15 एकदिवसीय मैच भी खेल चुके हैं. उन पर स्पॉट फ़िक्सिंग का इल्ज़ाम लगा था जिसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर लगभग ख़त्म हो गया.
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