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जामिया की घटना पर अमित शाह क्या बोले?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि दिल्ली के जामिया इलाके में गुरुवार को गोली चलाने की जो घटना हुई है, उस पर पुलिस को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली के जामिया इलाक़े में नागरिकता संशोधन क़ानून यानी सीएए के ख़िलाफ़ गुरुवार को निकाले गए एक मार्च में एक व्यक्ति ने फ़ायरिंग की.
पुलिस ने फ़ायरिंग करने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी चिनमय बिस्वाल के हवाले से कहा है कि घायल होने वाले छात्र का नाम शादाब फ़ारूक़ है जबकि गोली चलाने वाले के बारे में दावा किया जा रहा है कि वो एक नाबालिग़ है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने चश्मदीदों के हवाले से कहा है कि युवक हाथ में पिस्तौल लहराते हुए 'ये लो आज़ादी' चिल्ला रहा था. सोशल मीडिया पर पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, कहा जा रहा है कि पुलिस चंद क़दम की दूरी पर खड़ी थी, लेकिन पुलिस की ओर से इस शख्स को पकड़ने की कोई त्वरित कार्रवाई होती वीडियो में नज़र नहीं आई.
इस घटना के क़रीब तीन घंटे बाद गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में जो घटना हुई है उसके संबंध में उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से बात की है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस तरह की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
इससे पहले, कांग्रेस ने दिल्ली में हुई घटना की निंदा की और अमित शाह की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
कांग्रेस ने ट्वीट किया, "अमित शाह किस तरह की पुलिस फ़ोर्स चला रहे हैं? वो शख्स शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोली चला रहा है और दिल्ली पुलिस बेपरवाह खड़ी है. क्या वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर जैसे बीजेपी के नेता ऐसा ही चाहते हैं?"
एआईएमआईएम के प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी ने भी दिल्ली पुलिस को कठघरे में खड़ा किया.
उन्होंने ट्वीट किया, "दिल्ली पुलिस, पिछले महीने आपके जामिया में जो बहादुरी दिखाई थी, उसका क्या हुआ. अगर आसपास खड़े लोगों को असहाय छोड़ देने का कोई पुरुस्कार हो तो हर बार ये आपको ही मिलता. क्या आप बता सकते हैं क्यों गोली लगने से घायल हुए व्यक्ति को बैरिकेड पर चढ़ना पड़ा. क्या आपके सर्विस रूल्स आपको मनुष्य बनने से रोकते हैं?"
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