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IND Vs AUS: मयंक अग्रवाल पर ऑस्ट्रेलियाई कमेंटेटर ने की नस्लभेदी टिप्पणी
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही टेस्ट सिरीज़ अब तक खेल के अलावा कई और वजहों से भी चर्चा में रही है.
फिर चाहे स्लेजिंग यानी मैदान पर अपशब्दों का इस्तेमाल हो या फिर कमेंटेटर की कमेंट्री.
ताज़ा मामला भारत और ऑस्ट्रेलिया के तीसरे टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के 71 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने से ठीक पहले का है.
मयंक ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पहले ही टेस्ट मैच में 76 रनों की पारी खेली, ये एक रिकॉर्ड है. इससे पहले साल 1947 में दत्तू फड़कर ने सिडनी टेस्ट में 51 रन बनाए थे.
मयंक जब मैदान पर रिकॉर्ड रचने की ओर थे, तब ऑस्ट्रेलियाई कमेंटेटर कैरी ओफीक ने कमेंट्री बॉक्स से कहा, ''मयंक ने रणजी मैच में जो तिहरा शतक बनाया था, वो रेलवे कैंटीन स्टाफ के ख़िलाफ़ बनाया था.''
दरअसल 13 महीने पहले यानी नवंबर 2017 में मयंक ने अपना पहला तिहरा शतक जड़ा था. रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक के लिए खेलते हुए महाराष्ट्र के ख़िलाफ़ उन्होंने नाबाद 304 रन बनाए थे.
कमेंटेटर की बात पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इसके अलावा पूर्व ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज़ मार्क वॉ का भी एक बयान चर्चा में है.
मार्क वॉ ने कहा, ''भारत में क्रिकेट में 50 से ज़्यादा का औसत ऑस्ट्रेलिया के 40 के बराबर होता है.''
इन दोनों की बयानों पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
ट्विटर पर आशीर्वाद करांडे नाम के यूज़र ने लिखा, ''कैरी ने रणजी मैच में मयंक की खेली पारी को नीचा दिखाने की कोशिश की. क्रिकेट की दुनिया में ऐसी प्रतिक्रियाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.''
ऐश नाम के यूज़र ने लिखा- मार्क वॉ ने औसत को लेकर जो बयान दिया है और कैरी ने वेटर्स और कैंटीन के लोगों के सामने तिहरा शतक बनाने की बात कही है, वो अपमान जनक है.
प्राजक्ता भावसर लिखती हैं, ''कैरी ने कहा कि मयंक 300 रन सिर्फ़ इसलिए बना सके क्योंकि वो कैंटीन स्टाफ के सामने खेल रहे थे. प्रिय कैरी, आपको नहीं लगता कि नैथन लियोन का उस कैंटीन स्टाफ का हिस्सा होना चाहिए था.''
ईएसपीएन क्रिक इंफो की पत्रकार मेलिंडा फेरल ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई.
मेलिंडा ने लिखा, ''हो सकता है कि इस मामले में मैं अकेली हूं. लेकिन घटिया हंसी के लिए किसी दूसरे खिलाड़ी के लिए स्टीरियोटाइप बात कहना सही नहीं है.''
अनुभव लिखते हैं, अगर ऐसा है तो रणजी हमारे लिए अच्छा काम कर रही है. क्योंकि टेस्ट क्रिकेट मैं भारत पहले नंबर पर हैं.
आलोचना होने पर मार्क वॉ ने भी अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया.
मार्क वॉ ने कहा, ''मैंने ये बात ऑस्ट्रेलिया में इस औसत से खेलने वाले बल्लेबाज़ों की संख्या के आधार पर कही थी. रिकॉर्ड के लिए बता दूं कि पहली पारी में मयंक अग्रवाल बहुत अच्छा खेले.''
न्यूज़ ऑस्ट्रेलिया की ख़बर के मुताबिक़, कैरी ओफीक ने इस टिप्पणी पर विरोध के बाद माफी मांगी है.
कैरी ओफीक ने कहा, ''भारत में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मयंक ने जो रन बनाए थे, मैं उनकी बात कर रहा था. मेरा मकसद किसी को नीचा दिखाना नहीं था. मैच में मयंक ने काफी रन बनाए. अगर किसी को ठेस पहुंची हो तो मैं माफ़ी चाहता हूं.''
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