सोशल: NDTV पर सीबीआई के छापे, क्या बोले नेता?

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समाचार चैनल एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय के घर पर सीबीआई छापेमारी की चर्चा सोशल मीडिया पर तेज़ है.
पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने ये छापे एक निजी बैंक को कथित नुकसान पहुंचाने के आरोप में मारे गए.
एनडीटीवी ने परेशान किए जाने के आरोप लगाते हुए कहा, ''भारत में अभिव्यक्ति की आज़ादी और लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश के सामने हम नहीं झुकेंगे.''
NDTV पर छापे, नेताओं ने जताया विरोध
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ''एनडीटीवी ग्रुप और डॉ. रॉय के घर पर छापों की हम कड़ी निंदा करते हैं. ये सत्ता के खिलाफ़ आवाज़ उठाने वाली स्वतंत्र आवाज़ों को शांत करने की कोशिश है.''

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पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने लिखा, ''एनडीटीवी के प्रणय रॉय के घर पर मारे गए छापों से हैरान हूं. वो काफी सम्मानीय हैं. ये परेशान करने वाला ट्रेंड है.''

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लालू प्रसाद यादव लिखते हैं, ''जो नेता, पत्रकार और मीडिया घराना उनके नाम का बाजा नहीं बजाएगा. सरकारी भोंपू नहीं बनेगा. उसपर ये केस, मुक़दमें और छापे डलवाएंगे. यही आपातकाल है.''

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कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ''मोदी सरकार का यह कदम मीडिया की आज़ादी पर हमला है. इसकी जितनी निंदा की जाए, उतना कम है.''

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NDTV मसले पर क्या बोले पत्रकार
वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने दिनकर की कविता की लाइनें शेयर करते हुए ट्वीट किया, ''भारत के न्यूज़ मीडिया के इतिहास में ये बेहद अहम दिन है.''
वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने लिखा, ''इमर्जेंसी के बाद वाजपेयी राज में हमने आउटलुक और तहलका से हिसाब चुकता करना देखा. कहना न होगा कि एनडीटीवी पर हाथ डालकर मोदी ने नई ऊंचाई छू ली है.''
राजदीप सरदेसाई ने सोमवार को लिखा, ''2010 के एक केस में प्रणव रॉय के घर पर 2017 में सीबीआई छापे मार रही है. सीबीआई और आयकर विभाग को लोगों के सामने इसकी विस्तृत जानकारी रखनी होगी.''
द हिंदू अख़बार की संपादक रह चुकीं मालिनी पार्थसारथी ने ट्वीट किया है कि ''मीडिया संगठनों को उतना ही पारदर्शी होना चाहिए जितना किसी और बिजनेस को ताकि उनकी साख बने और जनता का विश्वास उनमें रहे. ''
हालांकि ऐसे भी लोग हैं, जो एनडीटीवी पर हुई छापेमारी का समर्थन भी कर रहे हैं.
पत्रकार रोहित सरदाना लिखते हैं, ''NDTV मामले में इतना तो वहां के कर्मचारी परेशान नहीं दिख रहे हैं, जितना इमरजेंसी लगाने वाली कांग्रेस के नेता.''
आनंद रंगनाथन ने लिखा, ''अगर एनडीटीवी मेरा होता तो मैं सीबीआई छापेमारी पर बहस करवाता. पेनल में प्रणय रॉय, एस गुरुमूर्ति और चिदंबरम को बुलवाता. आप में है हिम्मत?''
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