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सोशल- 'बीवी से लड़ते ही क्रिकेट में वापस आ जाएंगे शाहिद अफ़रीदी'
पाकिस्तान के ऑलराउंडर शाहिद अफ़रीदी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. पाकिस्तान सुपर लीग के मैच के बाद अफ़रीदी ने कहा, ''मैंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है.''
उन्होंने कहा, ''मैं अपने प्रशंसकों के लिए खेल रहा हूं और दो साल और ये लीग खेलता रहूंगा. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ दिया है. मेरा फ़ाउंडेशन ज़रूरी है. मैं देश के लिए पूरी संजीदगी और प्रोफ़ेशनल तरीके से खेला हूं.''
अफ़रीदी ने अपना आख़िरी टेस्ट मैच साल 2010 में खेला था और 2015 वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. साल 2016 के टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने टी20 टीम की कप्तानी छोड़ दी थी और तब से उन्हें टीम में जगह नहीं मिली है.
उनकी रिटायरमेंट की ख़बर पर सोशल मीडिया में लोग उनके प्रदर्शन को सराह रहे हैं, वहीं कई चटखारे ले रहे हैं. इसकी वजह ये है कि अतीत में भी अफ़रीदी कई बार रिटायर होने की घोषणा कर लौट चुके हैं.
सुंदरदीप सिंह ने टि्वटर पर लिखा है, ''शाहिद अफ़रीदी ने 2455344वीं बार रिटायरमेंट ली. उनके छक्के बड़े याद आएंगे.''
@BrokenCricket हैंडल से तंज़ कसा गया है, जिसमें लिखा गया है - ''शाहिद अफ़रीदी टाइमलाइन
1996: डेब्यू
2011: रिटायर
2011: वापसी
2014: रिटायर
2014: वापसी
2016: रिटायर
2016: वापसी
2017: रिटायर''
शाहिद अफ़रीदी छक्के मारने के लिए मशहूर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके नाम 476 छक्के दर्ज हैं, जो एक विश्व कीर्तिमान है.
इसके अलावा वो 10 हज़ार रन और 500 से ज़्यादा विकेट लेने वाले दुनिया के दो बल्लेबाज़ों में शुमार हैं. उनके नाम 11185 रन और 540 विकेट हैं.
प्रयाग ने लिखा है, ''शाहिद अफ़रीदी वॉट्सऐप स्टेटस: रिटायरमेंट अस्थायी है, जबकि वापसी करना स्थायी.''
जतन आचार्य ने लिखा है, ''शाहिद अफ़रीदी दोनों चीज़ों में निरंतरता नहीं रखते - बल्लेबाज़ी और रिटायरमेंट दोनों में.''
सुनील ने लिखा है, ''ऐसा लगता है जब शाहिद अफ़रीदी अपनी बीवी से लड़ते हैं, तो वापसी कर लेते हैं और जब दोनों के बीच हालात सामान्य होते हैं, तो फिर रिटायरमेंट ले लेते हैं.''
सबसे पहले साल 2010 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने की घोषणा की थी और 2015 में शाहिद ने वनडे क्रिकेट को भी गुड बाय कह दिया था.
अनुराग ने लिखा है, ''जितने संन्यास अब तक शाहिद अफ़रीदी ले चुका है, उससे ज़्यादा तो इसने शतक भी न बनाए.''