'पीएम का फ़ैसला, पेटीएम को फायदा'

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करेंसी नोट के बंद होने से कैशलेस लेन-देन की व्यवस्था कराने वाली पेटीएम, फ्रीचार्ज, मोबीक्लिक जैसे मोबाइल पेमेंट ऐप कंपनियों को फ़ायदा होगा और वो खुश हैं.
बीते 48 घंटों से अख़बारों के पन्नों पर उनके बड़े ऐड भी दिख रहे हैं.


पेटीएम ने अपने ऐड में मोदी के चित्र का इस्तेमाल करते हुए उन्हें बधाई दी और लिखा, "अब एटीएम नहीं पेटीएम करो."
ऐड पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "इस फ़ैसले का सबसे बड़ा फ़ायदा पेटीएम को होगा. फ़ैसले के ठीक अगले दिन पीएम ऐड में दिख रहे हैं."

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, "शर्म की बात है. क्या लोग चाहते हैं कि उनके प्रधानमंत्री किसी निजी कंपनी के विज्ञापन में आएं. कल यदि ये कंपनियां कुछ ग़लत करती हैं तो इनके ख़िलाफ़ कौन कार्रवाई करेगा."
जीतेंद्र ने लिखा, "रिलायंस जियो सिम के बाद मोदी जी अब पेटीएम के ब्रांड एंबेसडर हैं."
प्रशांत भूषण ने लिखा, "आश्चर्य है! पेटीएम ने मोदी की तस्वीर के साथ ऐड छापा है. क्या उन्हें पहले से ख़बर थी?"

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने पूछा, "पेटीएम ने पीएम की तस्वीर के इस्तेमाल के लिए प्रधानमंत्री कार्यलय से इतनी जल्दी इजाज़त कैसे ली?"
स्ट्रेट टू द प्वाइंट ने लिखा, "पीएम ग़रीबों की बात करते हैं, लेकिन उन व्यवसायों को समर्थन देते हैं जिन्होंने उनके राजनीतिक करियर को फंड किया है."

अमित ने लिखा, "इस देश के 95 फीसदी आम लोगों को पेटीएम के बारे में पता ही नहीं है तो वो ट्रांज़ेक्शन कहां से करेंगे?
रूपम घोष ने लिखा, "सबकुछ में फ़ायदा ढ़ूढ़ना बंद करो, तभी जाके दिल्ली का फ़ायदा होगा."
क्षितिज गोयल ने लिखा, "इसका उद्देश्य काले धन को ख़त्म करना है न की पेटीएम को बढ़ावा देना"

इस विवाद के बाद पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर ने केजरीवाल के ट्वीट का जवाब दिया.
उन्होंने लिखा, "इसका सबसे अधिक लाभ हमारे देश को होगा. हम तो केवल एक स्टार्टअप हैं और भारत में फाइनेंशियल इन्क्लूशन की कोशिश कर रहे हैं. "
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