जब रीता ने कहा था- मोदी कट्टरपंथ के प्रतीक हैं

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकीं रीता बहुगुणा जोशी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई हैं.
पिछले लोकसभा चुनाव में वो मौजूदा गृह मंत्री राजनाथ सिंह के ख़िलाफ़ लखनऊ से चुनाव लड़ी थी.
कई बार भाजपा की कड़ी आलोचना करने वाली रीता बहुगुणा जोशी ने भाजपा और पीएम मोदी की सराहना की है और कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लिया है.
आइए नज़र डालते हैं कि भाजपा में शामिल होने से पहले कब-कब उन्होंने भाजपा को आड़े हाथों लिया और कांग्रेस नेतृत्व की जम कर सराहना की.
22 जुलाई 2013, सीएनएन-आईबीएन

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नरेंद्र मोदी कट्टरपंथ के द्योतक हैं. वो कहीं न कहीं सांप्रदायिकता के पक्षधर है. उनकी जो विचारधारा है वो बिल्कुल एकतरफा है. भारतवर्ष में जो सर्वसमभाव की जो नीति है, जो सोच है, उससे वे मेल नहीं खाते. उनकी जो बाते हैं, वे राष्ट्रविरुद्ध हैं.
20 फ़रवरी 2016- प्रतापगढ़ (यूपी), प्रेस कॉन्फ्रेंस
जेएनयू का पूरा प्रकरण भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस का पूरा खेल है. जिस तरह कन्हैया को फँसाने की कोशिश की गई, जिस तरह दो वीडियो को जोड़कर एक झूठा केस बनाने का प्रयास किया गया. उससे स्पष्ट है कि वो आरएसएस की विचारधारा को सारे शिक्षण संस्थानों में फैलाना चाहते हैं.
3 अगस्त 2009, सीधी बात, आज तक

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सोनिया गांधी जी बहुत उदार हैं. उनका मक़सद और राहुल गांधी जी का मक़सद सांप्रदायिक शक्तियों से लड़कर देश को सुरक्षित करना है. मैं राजीव जी और सोनिया जी की हमेशा से फ़ैन थी. मेरा सबसे बड़ा बैकग्राउंड सेक्यूलर है.
4 नवंबर, 2015, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया
देश में इस समय भय और संदेह का माहौल है. असहिष्णुता बढ़ रही है. कहीं न कहीं सरकार अपनी आँख जान-बूझकर मूंद रही है. प्रधानमंत्री शांत हैं और उनके मंत्री और पार्टी के बड़े-बड़े अधिकारी अनर्गल बयान दे रहे हैं, भड़काऊँ बयान दे रहे हैं. ऐसा माहौल देश में कभी नहीं बना.
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