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शुक्रवार, 14 नवंबर, 2008 को 15:54 GMT तक के समाचार
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चाँद पर पहुँचा तिरंगा
चंद्रयान
चंद्रयान जल्द ही चाँद की तस्वीरें भेजना शुरू कर देगा
भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कामयाबी की नई इबारत लिखते हुए चाँद पर तिरंगा फहरा दिया है.

ये कामयाबी हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है. चंद्रयान का मून इम्पैक्ट प्रोब (एमआईपी) चाँद पर पहुँच गया है.

इससे पहले अमरीका, रूस और जापान ये कामयाबी हासिल कर चुके हैं.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन जी माधवन नायर ने शुक्रवार रात हैदराबाद में पत्रकारों को मिशन की सफलता की जानकारी दी.

उन्होंने कहा, "आज रात लगभग आठ बजे हमारे उपग्रह चंद्रयान से एमआईपी सफलतापूर्वक अलग हुआ और लगभग साढ़े आठ बजे तिरंगे में लिपटा एमआईपी चाँद की सतह पर लैंड कर गया."

उन्होंने इसे भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि कुछ ही समय में हमें चाँद के बारे में अहम जानकारियाँ मिलने लगेगी.

इसरो चेयरमैन ने कहा कि चंद्रयान चाँद से महज सौ किलोमीटर की दूरी में चक्कर लगा रहा है और उसने चाँद की सतह की बेहद खूबसूरत तस्वीरें ली हैं जिन्हें जल्दी ही जारी किया जाएगा.

 आज रात लगभग आठ बजे हमारे उपग्रह चंद्रयान से एमआईपी सफलतापूर्वक अलग हुआ और लगभग साढ़े आठ बजे तिरंगे में लिपटा एमआईपी चाँद की सतह पर लैंड कर गया
जी माधवन नायर

एमआईपी चाँद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है. माधवन नायर ने बताया कि 35 किलोग्राम वजनी इस उपकरण के साथ उच्च क्षमता के कैमरे लगे हैं जो सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं.

इस मौके पर पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के रुप में चर्चित डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम भी उपस्थित थे.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "आज सुबह मैं चंडीगढ़ में था. वहाँ से मैं जल्दबाजी में यहाँ पहुँचा और कंट्रोल रुम में जो कुछ देखा उससे मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ."

उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्दी ही भारतीय वैज्ञानिक चाँद पर विचरण करते नज़र आएंगे.

चाँद मिशन

एमआईपी उन 11 वैज्ञानिक उपकरणों (पेलोड) में से एक है, जो 22 अक्तूबर को चंद्रयान के साथ भेजे गए हैं.

इसरो का कहना है कि अगले दो साल तक चंद्रयान इसी कक्षा में रहेगा और यहाँ से वह आधुनिक उपकरणों की मदद से तस्वीरें भेजेगा.

चंद्रयन पर मौजूद 11 पेलोड में से से छह विदेशी एजेंसियों के हैं.

दो अमरीकी, तीन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक बुल्गारिया का उपकरण चंद्रयान पर है, बाक़ी के पाँच उपकरण भारतीय हैं जिन्हें इसरो ने तैयार किया है.

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