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शनिवार, 08 नवंबर, 2008 को 12:53 GMT तक के समाचार
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चाँद की कक्षा में पहुँचा भारतीय यान
चंद्रयान
चंद्रयान मंगलवार को चांद की भीतरी कक्षा में प्रवेश करेगा
भारत का चंद्रयान दो सप्ताह की यात्रा के बाद सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में पहुँच गया है.

चंद्रयान शनिवार की शाम को भारतीय समयानुसार लगभग पाँच बजे चांद की बाहरी कक्षा में दाख़िल हुआ.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण चरण था जिसकी सफलता से वैज्ञानिक बहुत ख़ुश हैं.

चंद्रयान अभियान से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक एम अन्नादुरै ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यह बहुत अहम चरण था जिसे हमने बिना किसी तकनीकी कठिनाई के पूरा कर लिया और आने वाले चरणों के बारे में भी हम ऐसी ही उम्मीद रखते हैं."

अन्नादुरै ने कहा, "हमारे पास पर्याप्त उपकरण और ईंधन है और अगले दो वर्ष तक हमारा चंद्रयान सफलतापूर्वक काम करता रह सकता है."

इसरो के निदेशक एस सतीश ने बताया कि चंद्रयान अब चाँद से सिर्फ़ 504 किलोमीटर दूर है चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के दायरे में आ चुका है.

एस सतीश ने बताया, "चंद्रयान पर लगा रॉकेट (एलएएम) मंगलवार को पाँच बजे सुबह दागा जाएगा और पाँच मिनट में यह चंद्रयान को उस जगह पहुँचा देगा जहाँ से हमें अपेक्षित जानकारियाँ मिलने लगेंगी."

 यह बहुत अहम चरण था जिसे हमने बिना किसी तकनीकी कठिनाई के पूरा कर लिया और आने वाले चरणों के बारे में भी हम ऐसी ही उम्मीद रखते हैं
अन्नादुरै, वरिष्ठ वैज्ञानिक

मंगलवार की सुबह एलएएम चंद्रयान को चाँद की सतह से 100 किलोमीटर दूर यानी भीतरी कक्षा में पहुँचा देगा जहाँ से आधुनिक उपकरणों की मदद से यान तस्वीरें और नक्शे भेजेगा.

चंद्रयान को नियंत्रित करने की जटिल प्रक्रिया बंगलौर से 40 किमी दूर बायलुलू में स्थित कंट्रोल रूम से चल रही है जहाँ से टेलीसिग्नलों के ज़रिए चंद्रयान को मनचाही दिशा में मोड़ा जा रहा है.

इस यान के अब तक कई परीक्षण किए गए हैं और वैज्ञानिक उसके प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं, चंद्रयान अपनी यात्रा शुरू करने के सप्ताह भर बाद से धरती की तस्वीरें नियंत्रण कक्ष को भेज रहा है.

चंद्रयान पर कुल 11 वैज्ञानिक उपकरण हैं जिनमें से छह विदेशी एजेंसियों के हैं. दो अमरीकी, तीन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक बुल्गारिया का उपकरण चंद्रयान पर है, बाक़ी के पाँच उपकरण भारतीय हैं जिन्हें इसरो ने तैयार किया है.

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