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की-बोर्ड पर शातिर नज़र | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगर आप इस ग़लतफ़हमी में हैं कि अपने कंप्यूटर पर आप जो टाइप कर रहे हैं वो लोगों की नज़रों से बचा रहेगा, तो सतर्क हो जाइए. कंप्यूटर के माहिर अपराधी जल्दी ही आपके कंप्यूटर में टाइप किया गया एक एक अक्षर जानने में कामयाब हो जाएँगे. इसका मतलब ये हुआ कि अगर आप अपने कंप्यूटर पर पासवर्ड टाइप करके अपने इंटरनेट बैंक खाते में जाते हैं तो कुछ ही देर बाद आपका गुप्त पासवर्ड किसी और व्यक्ति के पास पहुँच सकता है. दरअसल कंप्यूटर के की-बोर्ड पर हर बार बटन दबाने से विद्युतचुंबकीय संकेत जारी होते हैं. सफल प्रयोग अगर कोई इन संकेतों को पढ़ ले तो उसे ये पता लगाने में कोई मुश्किल नहीं होगी कि दरअसल क्या शब्द टाइप किया गया था. स्विटज़रलैंड के वैज्ञानिकों ने एक प्रयोग करके दर्शाया है कि ये काम कितना आसान है. उन्होंने एक कंप्यूटर के विद्युतचुंबकीय संकेतों को पढ़कर ठीक ठीक ये पता लगा लिया कि लिखा क्या गया था. स्विटज़रलैंड के एक तकनीकी संस्थान के सुरक्षा और कूटलिपि विभाग में शोधछात्र मार्टिन वुआग्नॉक्स और सिल्वेन पासिनी ने ये प्रयोग किया. इन छात्रों ने 11 अलग अलग की-बोर्डों को एक कंप्यूटर से जोड़ा और फिर प्रयोग कर दिखाया. इनमें से एक हमला तो बीस मीटर दूर से किया गया. यानी बीस मीटर दूर से ये पता लगा लिया गया कि की-बोर्ड में क्या टाइप किया गया है. प्रयोग के दौरान शोधछात्रों ने एक रेडियो एन्टेना का इस्तेमाल किया. उन्होंने बताया कि इस विधि से टाइप किए गए सभी शब्दों को पूरी तरह या आंशिक तौर पर जान लिया गया. छात्रों ने इंटरनेट पर अपने प्रयोग के बारे में लिखा, “ये (कंप्यूटर) हमले और अचूक हो सकते हैं. हमने अपेक्षाकृत सस्ते उपकरण इस्तेमाल किए थे.” इससे पहले केम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कंप्यूटर वैज्ञानिक मारकस कुहन ने भी विद्युतचुंबकीय तरंगों का इस्तेमाल गुप्त सूचना इकट्ठा करने में किया था. | इससे जुड़ी ख़बरें कंप्यूटर आसान लेकिन बेहद नाज़ुक भी!15 नवंबर, 2006 | विज्ञान वाई-फ़ाई का नफ़ा-नुक़सान24 मई, 2007 | विज्ञान नासा के कंप्यूटर में आई 'ख़राबी' की जांच27 जुलाई, 2007 | विज्ञान माइक्रोसॉफ़्ट दबाव में झुका29 सितंबर, 2007 | विज्ञान मुठ्ठी में होंगी हज़ारों घंटे की फ़िल्में12 अप्रैल, 2008 | विज्ञान कंप्यूटर की-बोर्ड में कितने कीटाणु?02 मई, 2008 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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