BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 25 जुलाई, 2008 को 05:46 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
एचआईवी दवाओं ने बढ़ाई ज़िंदगी
एचआईवी मरीज़ (फ़ाइल फ़ोटो)
पिछले कुछ वर्षों में एंटीरेट्रोवायरल पद्धति असरदार हुई है
एक अध्ययन के मुताबिक एचआईवी से लड़ने में सक्षम दवाओं के बूते पिछले दस वर्षों में इससे संक्रमित मरीज़ों की आयु में तेरह वर्षों की औसत वृद्धि दर्ज की गई है.

लान्सेंट में प्रकाशित शोध के अनुसार अब एचआईवी को जानलेवा बीमारी की बजाए इससे संक्रमित व्यक्ति को मधुमेह रोगी की तरह गंभीर स्थिति में रखा जा सकता है.

शोधकर्ताओं की टीम में ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के अध्ययनकर्ता शामिल थे. यह रिपोर्ट 43 हज़ार मरीज़ों के निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक बीस वर्ष की उम्र में एचआईवी संक्रमित व्यक्ति का इलाज शुरु किया जाए तो वह 49 वर्ष और जीवित रह सकता है.

लेकिन यूरोप और उत्तरी अमरीका के शोधकर्ताओं ने चेताया है कि यह 80 वर्ष की औसत आयु से कम है.

अभी एचआईवी संक्रमित लोगों का इलाज एंटीरेट्रोवायरल पद्धति से होता है. इसमें जो दवाइयाँ दी जाती है वो शरीर में एचाईवी विषाणु को फैलने से रोकती है.

नब्बे के दशक की शुरुआत में इस पद्धति का इस्तेमाल शुरु हुआ लेकिन अब यह ज़्यादा असरदार साबित हो रहा है.

शोधकर्ताओं ने 1996 से 1999, 2000 से 2002 और 2003 से 2005 की अवधि में उच्च आय वाले देशों में ताज़ा अध्ययन किया है.

अध्ययन के दौरान सिर्फ़ दो हज़ार मरीज़ों की मौत हुई.

एचआईवीः शिशु रक्षा...
माँ से बच्चे को एचआईवी के संक्रमण का ख़तरा घटाती हैं दवाएँ. एक शोध..
इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>