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मलेरिया से मौतें रोकने का नया लक्ष्य | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने वर्ष 2010 तक मलेरिया से होने वाली मौतों को रोकने की अपील की है. मलेरिया से दुनिया भर में हर साल 90 प्रतिशत मौतें होती हैं जिनमें से 90 प्रतिशत मौतें अफ़्रीकी देशों में होती हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि अफ़्रीकी देशों को वो सारी सुविधाएँ मुहैया होनी चाहिए जो इस बीमारी की रोकथाम के लिए ज़रुरी हैं जिसमें मच्छरदानी और छिड़काव करने वाली दवाएँ शामिल हैं. उन्होंने 2010 के लक्ष्य के बारे में कहा, "हमारे पास संसाधन हैं और बीमारी से निपटने की सारी जानकारियाँ हैं लेकिन हमारे पास एक हज़ार से भी कम दिन हैं." उल्लेखनीय है कि इस बीमारी से हर साल पचास करोड़ लोग प्रभावित होते हैं. बान की मून ने अपने संदेश में कहा है कि अफ़्रीका के उन सभी लोगों को जिन्हें मलेरिया का ख़तरा है छिड़काव वाली दवा और मच्छरदानी उपलब्ध करवाई जाएगी, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को. उन्होंने 50 करोड़ लोगों के लिए मच्छरदानी उपलब्ध करवाने, स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने और बीमारी पर शोध करने की अपील भी की. वर्ष 2010 की समय सीमा को उन्होंने एक 'बड़ा लेकिन हासिल किया जा सकने वाला' लक्ष्य बताया है. हालांकि इससे पहले मलेरिया पर नियंत्रण की जितनी कोशिशें हुई हैं वो क़ामयाब नहीं हो सकी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें अब मच्छर ही निपटेंगे मलेरिया से20 मार्च, 2007 | विज्ञान एचआईवी-एड्स और मलेरिया में संबंध08 दिसंबर, 2006 | विज्ञान मलेरिया से लड़ने के लिए फिर से डीडीटी15 सितंबर, 2006 | विज्ञान मलेरिया की दवा बनेगी असरदार02 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान मलेरिया पर स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट03 मई, 2005 | विज्ञान मलेरिया के टीके का सफल परीक्षण15 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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