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मलेरिया के टीके का सफल परीक्षण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने मलेरिया के एक प्रभावी टीके का सफल परीक्षण किया है. अगले कुछ वर्षों में इसका व्यापक उत्पादन शुरू होने की संभावना है. नए टीके का परीक्षण मोज़ांबिक़ में किया गया. स्पेन के बार्सिलोना विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंपनी के सहयोग से 2,022 बच्चों पर टीके का प्रयोग किया. परीक्षण में पाया गया कि एक से चार साल उम्र के इन बच्चों को मलेरिया पकड़ने का ख़तरा 58 प्रतिशत कम रह गया. इस परीक्षण में 'आरटीएस एसएएस02ए' नामक टीके का प्रयोग किया गया. उल्लेखनीय है कि उत्पादन लाइसेंस के लिए इस तरह के कई और टीकों के नाम पर विचार किया जाना है. 'आरटीएस एसएएस02ए' के परीक्षण से जुड़े विशेषज्ञों के दल के प्रमुख प्रोफ़ेसर पेड्रो एलोंसो ने कहा, "हमने पाया कि यह टीका न सिर्फ़ सुरक्षित है, बल्कि साफ तौर पर असरदार भी." उन्होंने कहा कि मलेरिया से सौ फ़ीसदी रक्षा करने वाले टीके की उम्मीद करना ठीक नहीं है, लेकिन ताज़ा परीक्षण बहुत ही उत्साहवर्द्धक है. हर साल दुनिया भर में 10 लाख से ज़्यादा लोग मलेरिया के कारण मौत का शिकार बनते हैं, इनमें से अधिकांश पाँच साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं. मलेरिया के 90 फ़ीसदी मामले सहारावर्ती अफ़्रीकी देशों में होते हैं. |
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