BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ताड़ासन; पूरे शरीर के लिए लाभदायक

ताड़ासन
ताड़ासन में पंजों पर शरीर का वजन रखा जाता है और हाथ भी ऊपर खिंचे रहते हैं
शरीर और मन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. शरीर मन का स्थूल रूप है और मन शरीर का सूक्ष्म रूप. लेकिन हम स्थूलरूपी शरीर को ही सब कुछ मान लेते हैं और मन को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देख पाते.

आसन से शरीर में लचक तो आती ही है, साथ ही हम यह महसूस करने लगते हैं कि हमारे विचारों में भी सरलता और सजगता आ गई है और मन-मस्तिष्क से भी हम तनावमुक्त हो जाते हैं.

आशा है सही विधि से सांस कैसे ली जाए यह आप सभी ने समझ लिया होगा. आज हम खड़े होकर करने वाले दो आसनों- ताड़ासन एवं तिर्यक ताड़ासन का अभ्यास सीखेंगे. बढ़ते बच्चों के लिए ये आसन विशेषतौर पर लाभदायक हैं.

ताड़ासन

ताड़ एक पेड़ का नाम है. ताड़ की तरह पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचना ही ताड़ासन कहलाता है.

इसके लिए सीधे खड़े हो जाएं और प्रयास करें कि आपके पैर मिले रहें. साथ ही हथेलियों को अपने बगल में रखें.

पूरे शरीर को स्थिर रखें और ये ध्यान रहे कि पूरे शरीर का वज़न दोनों पैरों पर बराबर रूप से आए. दोनो हथेलियों की अंगुलियों को मिलाकर सिर के ऊपर रखें. हथेलियों का रुख़ ऊपर की ओर होना चाहिए.

सांस भरते हुए अपने हाथों को ऊपर की ओर खींचिए, आपके कंधों और छाती में भी खिंचाव आएगा. साथ ही साथ पैरों की एड़ी को भी ऊपर उठाएं तथा पैरों की अंगुलियों पर शरीर का संतुलन बनाए रखिए.

इस स्थिति को कुछ पल बनाए रखें. कुछ पल रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए हाथों को वापस सिर के ऊपर ले आएं. सुविधानुसार ऐसा 5-10 बार कर सकते हैं.

सांस भरते हुए दोनों हाथों, पैरों तथा पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लाना चाहिए तथा सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं. एकाग्रता शरीर के संतुलन पर रहनी चाहिए.

आसन के विशेष लाभ

पैरों की अंगुलियों के साथ-साथ टखने भी मज़बूत बनते हैं.

आमतौर पर हम अपनी छाती और पीठ की मांसपेशियों में कम-कम खिंचाव ला पाते हैं. लेकिन ताड़ासन करने से छाती, कंधे और पीठ की मांसपेशियों में भी खिंचाव आता है.

ये आसन रीढ़ की हड्डी में भी खिंचाव लाता है. फलस्वरूप शरीर का क़द बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है तथा स्लिप डिस्क की संभावना नहीं रहती.

कंधों के जोड़ मज़बूत बनते हैं और गहरी सांस लेने-छोड़ने की प्रक्रिया में सुधार होता है.

तिर्यक ताड़ासन

सीधे खड़े हों और दोनों पैरों में दो फ़ीट का अंतर रखें. दोनों हाथों की अंगुलियों को मिलाइए तथा उसे पलट कर सिर के ऊपर रखेंगे.

तिर्यक ताड़ासन
तिर्यक ताड़ासन में ताड़ासन की ही अवस्था रहती है पर शरीर को एक ओर खींचा जाता है

सांस भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर खीचेंगें तथा सांस छोड़ते हुए कमर से दायीं ओर शरीर को जितना संभव हो सके झुकाएंगे.

कुछ पल रुकने का प्रयास करेंगे. इस दौरान आपकी सांस कुछ पल के लिए रुक जाएगी. आप शक्ति के अनुसार ही रुकें और न रुक पाने की स्थिति में सांस भरते हुए वापस आ जाएं.

इसी तरह दूसरी ओर भी करें. इस प्रकार एक क्रम पूरा होगा. आप चाहें तो इसे तीन से पांच बार कर सकते हैं.

ध्यान रहे कि सिर्फ़ बगल में ही झुकना है. शरीर को आगे या पीछे न झुकाएं और न ही अपने शरीर में किसी तरह का घुमाव (Twist) आने दें.

सांस छोड़ते हुए शरीर की गति पर एकाग्रता बनाए रखें. संतुलन बनाएं तथा शरीर के बगल में खिंचाव को अंतर्मन से देखिए, उसे महसूस कीजिए.

तिर्यक ताड़ासन से शरीर के बगल की ख़ासतौर पर छाती के बगल की मांसपेशियों में खिंचाव आता है तथा उनकी मज़बूती बढ़ती है तड़ासन के सभी लाभ मिलते हैं.

(योग प्रशिक्षक सिद्धार्थ प्रसाद का विशेष कार्यक्रम आप हर शनिवार और रविवार सुन सकते हैं सुबह साढ़े छह बजे बीबीसी हिंदी सेवा के 'आज के दिन' कार्यक्रम में. यह कार्यक्रम और यह लेख आपको कैसा लगा. आप अपनी राय हमें hindi.letters@bbc.co.uk पर भेज सकते हैं)

योग क्रिया 'स्वानुभूति का साधन'
योग से व्यक्ति अंतर्निहित शक्तियों को संतुलित रूप से विकसित कर सकता है.
योग की मुद्रायोग का बढ़ता कारोबार
पश्चिमी देशों में विशेषकर महिलाओं में योग की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है.
बाबा रामदेवरामदेव के गुरु लापता
योग गुरु रामदेव के गुरु के लापता होने से ट्रस्ट के स्वामित्व पर विवाद.
चर्च'योग' पर प्रतिबंध
ब्रिटेन में टॉन्टन स्थित दो चर्चों ने 'योग' कक्षाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है.
बाबा रामदेवयोग और बड़े दावे
बाबा रामदेव बड़े दावे कर रहे हैं और उनके शिविरों में भीड़ उमड़ रही है.
इससे जुड़ी ख़बरें
एक मुलाक़ात: बाबा रामदेव के साथ
06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>