BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 21 जुलाई, 2007 को 06:45 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
रामदेव के गुरु लापता, कई सवाल उठे

बाबा रामदेव
रामादेव ने शंकरदेव से योग और आयुर्वेद की शिक्षा ली थी
योग गुरु स्वामी रामदेव और उनका आश्रम दिव्य योग ट्रस्ट एक बार फिर विवादों में फंसता नजर आ रहा है.

इस बार उनकी दवाओं-दावों और जड़ी-बुटियों के कारण नहीं बल्कि उनके ख़ुद के गुरु स्वामी शंकरदेव के रहस्यमय ढंग से लापता हो जाने और उनके ट्रस्ट के स्वामित्व पर विवाद से सवाल उठ रहे हैं.

स्वामी रामदेव का आश्रम दिव्य योग ट्रस्ट हरिद्वार के कनखल इलाके में है और पिछले 12 सालों से उनके गुरु स्वामी शंकरदेव उनके साथ ही यहां रहते थे. रामदेव इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और शंकरदेव संरक्षक हैं.

शंकरदेव रामदेव के दीक्षा गुरु हैं और रामदेव ने उनसे योग और आयुर्वेद की शिक्षा ली है.

पुलिस में दर्ज कराई गई गुमशमदगी की रिपोर्ट के अनुसार शंकरदेव 14 जुलाई की शाम को आश्रम से सैर के लिए निकलने के बाद नहीं लौटे हैं.

स्वामी रामदेव इस समय अपने सहयोगियों के साथ विदेश दैरे पर हैं.

उनकी अनुपस्थिति में ट्रस्ट के कर्ता-धर्ता आचार्य बालकृष्ण ने बीबीसी को बताया, ''शंकरदेव ज़्यादातर कार से ही आना-जाना करते थे लेकिन उस दिन शाम को रिक्शे से गए लेकिन फिर लौटे नहीं.पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी है और हम भी अपने स्तर से छानबीन कर रहे हैं लेकिन अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है.''

अनसुलझे सवाल

उधर पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ चौंकानेवाले चथ्य सामने आए हैं. पुलिस ने शंकरदेव की एक चिट्ठी बरामद की है. हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक अजय जोशी का कहना है कि इस चिट्ठी में शंकरदेव ने तीन लोगों का नाम लेकर लिखा है कि उन पर इनका कर्ज़ है और वो चुका नहीं पाए.

ऐसे में सवाल उठता है कि उन्हें आख़िर कर्ज़ लेने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

इस चिट्ठी में शंकरदेव ने कष्ट में रहने की बात लिखी है. इससे भी पता चलता है कि शंकरदेव के टीबी का इलाज हरिद्वार के एक एलोपैथिक क्लीनिक में चल रहा था.

सवाल ये भी उठता है कि योग और आयुर्वेद से असाध्य रोगों को ठीक करने का दावा करनेवाले रामदेव के गुरु क्या इससे ठीक नहीं हो पाए और उनका एलोपैथिक इलाज कैसे किया जा रहा था.

इस बाबत पूछे जाने पर आचार्य बालकृष्ण का कहना है कि चिट्ठी और उसमें लिखी बातों पर संदेह है.फिलहाल पुलिस ने इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.

इस मामले में एक और पेंच तब जुड़ गया जब पुणे के क़रीब लोनावाला के एक आश्रम के स्वामी कर्मवीर ने हरिद्वार में मीडिया को फैक्स भेजकर दावा किया कि शंकरदेव ने उन्हें दिव्य योग ट्रस्ट का अध्यक्ष बना दिया है और वो ही इसके असली मालिक हैं.

आचार्य बालकृष्ण ने इस बात की पुष्टि की कि कर्मवीर भी रामदेव की तरह ही शंकरदेव के शिष्य जरूर हैं लेकिन कहा कि शंकरदेव के ऐसे किसी निर्णय की सूचना उन्हें नहीं है और ट्रस्ट के अध्यक्ष रामदेव ही हैं.

योग गुरु रामदेव के आयुर्वेदिक औषधियों और उपचार का कारोबार दिव्य योग ट्रस्ट के तहत ही होता है और बताया जाता है कि ट्रस्ट के पास करोड़ो की संपत्ति है.

लोग शंकरदेव की गुमशुगी को ट्रस्ट के स्वामित्व पर विवाद की दृष्टि से भी देख रहे है.

ऐसा लगता है कि राजनीति और प्रशासन में ऊंची पंहुच और प्रभाव रखनेवाले स्वामी रामदेव से जुड़े होने के कारण इस मामले में पुलिस भी फूंक-फूंक कर क़दम रखना चाहती है.

इससे जुड़ी ख़बरें
एक मुलाक़ात: बाबा रामदेव के साथ
06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
ठंडे को लेकर गर्म हुए धर्मगुरू
19 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
रामदेव के समर्थकों ने किया हंगामा
05 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
बाबा रामदेव की दवाओं को लेकर विवाद
04 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>