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सेक्स हार्मोन कम होने से डिप्रेशन का ख़तरा! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताज़ा अध्ययन से पता चला है कि जिन उम्रदराज़ पुरूषों में सेक्स हार्मोन का स्तर कम पाया जाता है उनके डिप्रेशन यानी अवसाद का शिकार होने की आशंका ज़्यादा होती है. सत्तर साल से ज़्यादा उम्र के लगभग चार हज़ार मर्दों पर हुए अध्ययन के मुताबिक जिन लोगों में सेक्स हार्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम था उनमें डिप्रेशन से ग्रस्त होने की आशंका तीनगुनी अधिक पाई गई. शोधकर्ताओं का मानना है कि सेक्स हार्मोन मस्तिष्क में रासायनों के स्तर पर असर डाल सकता है. पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय ने ये रिपोर्ट तैयार की है जो 'आर्काइव्स ऑफ़ जनरल साइकियाट्री' प्रकाशित हुई है. शोधकर्ताओं के मुताबिक 65 साल की आयु तक महिलाओं में पुरुषों के मुक़ाबले डिप्रेशन का शिकार होने की संभावना ज़्यादा होती है. टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढड़ती उम्र के साथ घटता है लेकिन इसमें कई तरह की विविधताएँ पाई जाती है. ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शोध के लिए लगभग चार हज़ार लोगों के रक्त नमूने लिए जिनमें से 203 अवसाद से पीड़ित पाए गए. इन लोगों में टेस्टोस्टेरो का स्तर बहुत कम था. हालाँकि शोधकर्ता ये मानते हैं कि निष्कर्षों की पुष्टि के लिए आगे और अध्ययन करना ज़रूरी है. | इससे जुड़ी ख़बरें अवसाद दूर करने की 'कसरती' गोली03 दिसंबर, 2007 | विज्ञान तनाव मारता है दिमाग़ की कोशिकाएँ14 मार्च, 2007 | विज्ञान महिलाओं में 'शराब से डिप्रेशन अधिक' 04 जनवरी, 2007 | विज्ञान ठंड में कश्मीरियों में अवसाद ज़्यादा09 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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