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ठंड में कश्मीरियों में अवसाद ज़्यादा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत प्रशासित कश्मीर में ठंड के दिनों में ज़्यादा लोग उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) और अवसाद (डिप्रेशन) के शिकार होते हैं. सर्वेक्षण के अनुसार यह शिकायत सभी उम्र के लोगों को होती है. इसके लिए बिजली, पानी, और मनोरंजन के साधनों की कमी को दोषी माना गया है. जबकि कश्मीर में अभी भी जारी अस्थिरता के माहौल को भी इसके लिए दोषी पाया गया. भारत प्रशासित कश्मीर में पहली बार इस तरह का सर्वेक्षण अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था एक्शन एड और कश्मीर यूनिवर्सिटी ने मिलकर यूरोपीय संघ की संस्था ईसीएचओ के साथ मिलकर किया. यह सर्वेक्षण 44 शहरी इलाक़ों में 1094 कश्मीरियों के बीच किया गया और इसमें 16 से 65 वर्ष उम्र के लोग शामिल थे. सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि पुरुषों में चिंताजनक रुप से 59.3 प्रतिशत साल भर उच्च रक्तचाप और अवसाद से ग्रस्त रहते हैं. जबकि ठंड के दिनों में यह प्रतिशत बढ़कर 74 हो जाता है. महिलाओं के बीच इस बीमारी से ग्रसित होने का प्रतिशत साल भर 39.5 होता है जो ठंड में बढ़कर 68.4 हो जाता है. इन बीमारियों के लिए आमतौर पर मूलभूत सुविधाओं की कमी, मनोरंजन के साधनों का अभाव और सामाजिक संस्थाओं की कमी को दोषी पाया गया है. जबकि श्योपुर और बारामूला जैसे शहरों में इलाज की कमी की वजह से तनाव का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया. एक्शन एड के अर्जीमंद हुसैन तालिब ने इस सर्वेक्षण के बारे में कहा, "हमें पता चला कि कश्मीर में ठंड के दिनों में अवसाद-रोधी दवाइयों और ट्राक्विलाइज़र की बिक्री बढ़ जाती है, लेकिन इसका कारण समझने के लिए कोई सर्वेक्षण ही नहीं हुआ था. इसलिए हमने ये सर्वेक्षण करने का फ़ैसला किया." सर्वेक्षण करने वालों ने स्वीकार किया है कि चूंकि लोग खुलकर बोलने को तैयार नहीं थे इसलिए सर्वेक्षण से मिले आँकड़ों में अंतर हो सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें माँ चिंतित तो बच्चा चिंतित28 सितंबर, 2005 | विज्ञान पति से नोंकझोंक करती है तनाव मुक्त19 फ़रवरी, 2005 | विज्ञान तनाव भगाने के लिए तोड़फोड़ का सहारा23 नवंबर, 2004 | विज्ञान तनाव सेहत के लिए अच्छा हो सकता है!06 जुलाई, 2004 | विज्ञान योग से रोग को बुलावा?12 अगस्त, 2003 | विज्ञान 'चमत्कारी' दवा की खोज26 जून, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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