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ललक कामयाबी की चाबी है... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले क़रीब तीन दशक में जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आया है वो ये है कि डिजिटल तकनीक ने लगभग हर आदमी को सूचना की दुनिया में सक्रिय कर दिया है. अब लगभग हर काम में लोग किसी न किसी तरह का सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करते हैं और सूचना तकनीक का इस तरह प्रयोग करते हैं जिससे उनके संगठन को और ज़्यादार असरदार तरीके से काम करने में मदद मिले. यह बात किसी छोटी सी दुकान के मालिक से लेकर किसी कंपनी के बड़े अधिकारी तक सभी पर खरी उतरती है. छोटी सी दुकान का मालिक अगर छोटे-छोटे, हथेली भर के आकार के कंप्यूटर इस्तेमाल करके अपनी चीज़ों का लेखा-जोखा रखता है तो किसी कंपनी का बड़ा अधिकारी बाज़ार के मिज़ाज को समझने के लिए उच्च दर्जे की अक़्लमंदी वाले सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करता है. इस तरह, अगर आप देखें कि प्रगति कैसे की जाती है और प्रतिस्पर्धा में किस तरह से बढ़त हासिल की जाती है तो आप पाएंगे कि आज की ज्ञान पर आधारित अर्थव्यवस्था में कामयाबी हासिल करने के लिए ज़रूरी है कि तरह-तरह के सॉफ़्टवेयर नुस्ख़ों का होशियारी से इस्तेमाल किया जाए. उत्पादकता वाले सॉफ़्टवेयर और सूचना प्रोद्योगिकी के अन्य नुस्ख़ों और औज़ारों की अच्छी जानकारी किसी भी कामकाज में कामयाबी हासिल करने की बुनियादी ज़रूरत बन गई है. अगर आप पिछले एक दशक में सामने आई चीज़ों पर नज़र डालें तो पाएंगे कि बहुत से बेहतरीन सॉफ़्टवेयर और उपकरणों ने अपनी ख़ास जगह बनाई है जिनमें संगीत सुनने और वीडियो गेम्स के उपकरणों, मोबाइल टेलीफ़ोन का नाम आसानी से लिया जा सकता है. इतना ही नहीं, चिकित्सा प्रोद्योगिकी की दुनिया में भी अभूतपूर्व बदलाव आए हैं और ये सब विज्ञान और इंजीनियरिंग में महारत की ही देन हैं. सॉफ़्टवेयर की ताक़त बात चाहे आज की करें या फिर भविष्य की, बहुत से कामकाज और नौकरियाँ सॉफ़्टवेयर की दुनिया से जुड़ गए हैं और सॉफ़्टवेयर से उनमें और ज़्यादा दम पड़ जाता है, फिर चाहे माइक्रोसॉफ़्ट जैसी किसी कंपनी के लिए सॉफ़्टवेयर का विकास और निर्माण करना हो, या फिर अन्य कंपनियों की कामयाबी के लिए सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करने में मदद करना. लोगों के साथ संबंध क़ायम करने और तरह-तरह के व्यवहार और प्रकृति वाले लोगों के साथ काम करने की योग्यता भी आज के दौर में बहुत महत्वपूर्ण हो गई है. बहुत से लोग सोचते हैं कि सॉफ़्टवेयर बनाना कोई ऐसा काम है जो एकांत में हो जाता है और उसके लिए आप किसी बंद कमरे में अकेले बैठ जाएँ और बस तरह-तरह के कोड लिख दें. लेकिन असल में ऐसी बात नहीं है. सॉफ़्टवेयर बनाना भी अन्य तरह की खोज या अनुसंधान की ही तरह है जिसमें अन्य लोगों के साथ सलाह-मश्विरा, विचारों का आदान-प्रदान करने की बेहद ज़रूरत होती है. इतना ही नहीं, किसी ख़ास सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल करने वाले लोगों की राय भी बहुत महत्वपूर्ण होती है और उनसे बातचीत करने के बाद ही पता चलता है कि उनकी ज़रूरतें क्या हैं और किसी ख़ास सॉफ़्टवेयर के बारे में वे क्या सोचते हैं. मेरी नज़र में सीखना जारी रखने की ललक की भी बेहद महत्वपूर्ण जगह है. जब मैं युवा था तो मैंने बहुत सी किताबें पढ़ने की आदत बना ली थी. तरह-तरह के विषयों पर ज़्यादा से ज़्यादा किताबें पढ़ना बहुत अच्छी और लाभप्रद आदत है. दिल खोलकर पढ़ें. ज़ाहिर है कि आज की दुनिया में सूचना और जानकारी एकत्र करना कहीं ज़्यादा आसान हो गया है, आप इंटरनेट पर जाकर जो चाहें, सूचना और जानकारी आसानी से हासिल कर सकते हैं. अगर इस तरह की उत्सुकता और ललक आपके अंदर भी है तो यक़ीन मानिए यह आपकी कामयाबी की चाबी है. इसमें यह ज़रूरी नहीं है कि आप किस तरह का काम करते हैं. (बिल गेट्स दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट के चेयरमैन और प्रमुख सॉफ़्टवेयर निर्माता हैं. जुलाई 2008 से वह माइक्रोसॉफ़्ट के रोज़ाना के कामकाज से हट जाएंगे और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन पर ज़्यादा ध्यान देंगे. यह संस्थान दुनिया भर में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रहा है.) | इससे जुड़ी ख़बरें माइक्रोसॉफ़्ट दबाव में झुका29 सितंबर, 2007 | विज्ञान 'इंटरनेट की सेंसरशिप ज़ोर पर'18 मई, 2007 | विज्ञान विंडोज़-XP 2008 में रिटायर होगी14 अप्रैल, 2007 | विज्ञान विंडोज़ के लिए अहम सुरक्षा अपडेट11 अप्रैल, 2007 | विज्ञान माइक्रोसॉफ़्ट ने गूगल पर आरोप लगाए07 मार्च, 2007 | विज्ञान विंडोज़ विस्टा बाज़ार में आया30 जनवरी, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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