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महत्वपूर्ण मानव जीवाश्मों की खोज | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केन्या में दो ऐसे मानव जीवाश्म मिले हैं जिनसे मानवों के विकास की अब तक की स्थापित अवधारणा को चुनौती मिल सकती है. विज्ञान पत्रिका नेचर में इन जीवाश्मों के बारे में कहा गया है कि ये ऊपरी जबड़े का हिस्सा और जुड़ा हुआ मस्तिष्क मानव जैसे प्राणियों के हैं. पहले ऐसा माना जाता रहा है कि मानव का विकास होमो हैबिलिस ( मानव जैसा प्राणी) से होमो इरेक्टस ( दो पैरों पर चलने वाला) विकसित हुआ है जिससे आज का मानव बना है. लेकिन नए जीवाश्मों से ऐसा लग रहा है कि होमो इरेक्टस और होमो हैबिलिस एक ही समय में थे जिससे साफ है कि होमो इरेक्टस का विकास होमो हैबिलिस से नहीं हुआ जो आम अवधारणा के बिल्कुल उलट है. नए जीवाश्मों के अध्ययन से जुड़े कोबी फोरा रिसर्च प्रोजेक्ट के प्रोफेसर मियाव लीकी का कहना है जबड़े का हिस्सा होमो हैबिलिस का लगता है जबकि मस्तिष्क होमो इरेक्टस का प्रतीत होता है लेकिन दोनों जीवाश्म एक ही समय के लगते हैं. ये जीवाश्म केन्या के तुरकाना बेसिन क्षेत्र में पाए गए हैं जहां के बारे में कहा जाता है कि मानव की अत्यंत प्राचीन प्रजातियां रहती थीं. नए जीवाश्मों के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि होमो सेपियन्स यानी आज के मानव होमो इरेक्टस से विकसित होकर बने हैं और ये होमो इरेक्टस किसी समय में होमो हैबिलिस के साथ रहते होंगे न कि होमो हैबिलिस से विकसित हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें हाथ मिलाने से ही रोग का पता 07 जुलाई, 2004 | विज्ञान मानव की नयी प्रजाति की खोज 28 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान चालीस लाख साल पुराने अवशेष07 मार्च, 2005 | विज्ञान इंसान और चिम्पांज़ी में फ़र्क!01 सितंबर, 2005 | विज्ञान मानव ने यूँ शुरू किया दो पैरों पर चलना17 जुलाई, 2007 | विज्ञान विशालकाय पेंग्विन का जीवाश्म मिला27 जून, 2007 | विज्ञान दो सिरों वाला अनोखा जीवाश्म20 दिसंबर, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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