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मंगलवार, 17 जुलाई, 2007 को 06:39 GMT तक के समाचार
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मानव ने यूँ शुरू किया दो पैरों पर चलना
फाइल फ़ोटो
सीधे खड़े होकर चलने में झुकने से काफ़ी कम ऊर्जा ख़र्च होती है
अमरीकी वैज्ञानिकों ने नए शोध से अक्सर पैदा होनी वाली इस जिज्ञासा को शांत करने की कोशिश की है कि आखिर मनुष्य दो पैरों पर क्यों चलता है.

लंबी शोध प्रक्रिया के बाद वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुँचे कि मनुष्य ने दो पैरों पर सीधे खड़े होकर चलना इसलिए शुरू किया क्योंकि इस प्रक्रिया में कम ऊर्जा ख़र्च होती है.

शोध में पाँच चिम्पाजियों और चार मनुष्यों को भी ट्रेडमिल्स पर चलाया गया और इसका बारीकी से अध्ययन किया गया.

शोध में पाया गया कि मनुष्य ने दो पैर से चलना इसलिए शुरू किया क्योंकि इसमें चार पैरों से झुककर चलने की अपेक्षा काफ़ी कम ऊर्जा ख़र्च होती है.

दिलचस्प पहलू

अध्ययन में कुछ दिलचस्प तथ्य सामने आए. मसलन ट्रेडमिल्स पर चिंपाज़ी जितनी दूरी तय करते थे, उतनी दूरी पूरी करने में मनुष्य को लगभग एक चौथाई ऊर्जा ही व्यय करनी पड़ी.

हालाँकि चिंपाज़ियों ने दो पैरों और चारों पैरों पर चलने में लगभग बराबर ऊर्जा ख़र्च की, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसकी वजह उनकी शारीरिक बनावट बताया.

वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे डग भरने से कम ऊर्जा ख़र्च होती है, यही वजह है कि जो लोग लंबे-लंबे डग भरकर चलते हैं, उन्हें दूसरे व्यक्तियों के मुक़ाबले थकान भी कम होती है.

शोध के लिए चिंपाज़ियों को ट्रेडमिल्स पर दो पैरों और चारों पैरों से दौड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया गया था.

वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारे पूर्वजों ने चारों पैरों पर झुककर चलने के बजाए सीधे खड़े होकर चलना इसलिए शुरू किया ताकि उनकी ऊर्जा बची रहे और उन्हें भोजन आसानी से सुलभ हो सके.

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