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तारे की परिक्रमा करने वाला सबसे बड़ा ग्रह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्षयात्रियों की एक टीम ने किसी तारे की परिक्रमा करने वाला अब तक का सबसे बड़ा ग्रह खोजने का दावा किया है. पृथ्वी से दिखने वाले इस ग्रह के बारे में कहा जा रहा है कि यह जुपिटर ग्रह से सत्तर प्रतिशत बड़ा है. हालांकि जुपिटर की तुलना में इस ग्रह का वजन कम है क्योंकि इसमें गैस की मात्रा अधिक है. इस संबंध में अधिक जानकारी आने वाले दिनों में एस्ट्रोफिज़िकल जर्नल में छपने वाली है. इस ग्रह को फिलहाल टीआरईएस-4 नाम दिया गया है. यह ग्रह पृथ्वी से 1435 प्रकाश वर्ष दूर एक अन्य सितारे की परिक्रम करता है. यह ग्रह अपने मूल सितारे के काफी नज़दीक है जिसके कारण यह काफ़ी गर्म भी है. ग्रह के विशालकाय आकार को परिभाषित करने के लिए वर्तमान सिद्धांत कम पड़ रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर इसके आकार के बारे में और जानकारी मिलती है तो इससे सौरमंडल को समझने में और मदद मिलगी. | इससे जुड़ी ख़बरें सूर्य के अध्ययन के लिए उपग्रह रवाना26 अक्तूबर, 2006 | विज्ञान मंगल ग्रह से मिली अंतरिक्ष-यान को ऊर्जा25 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान पृथ्वी जैसे एक और ग्रह की खोज25 अप्रैल, 2007 | विज्ञान मंगल के 'आधे' हिस्से में बर्फ़02 मई, 2007 | विज्ञान प्लूटो को लगा एक और झटका17 जून, 2007 | विज्ञान सौरमंडल के बाहर 'पानी वाला ग्रह'11 जुलाई, 2007 | विज्ञान शनि के वलय की गुत्थी सुलझी03 अगस्त, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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