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सौ डॉलर वाले लैपटॉप का 'उत्पादन शुरु' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सौ डॉलर वाले लैपटॉप का प्रस्ताव आने के पाँच साल बाद आख़िर इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन को हरी झंडी दे दी गई है. इसके विभिन्न हिस्से तैयार करने के लिए हार्डवेयर बनाने वालों को उत्पादन शुरु करने के संकेत दे दिए गए हैं. सौ डॉलर की क़ीमत के कई लाख लैपटॉप का उत्पादन किया जाना है. इससे पहले 'हर बच्चे के लिए एक लैपटॉप' (ओएलपीसी) परियोजना से जुड़ी संस्था ने कहा था कि लैपटॉप को सस्ता बनाए रखने के लिए उसे कम से कम 30 लाख लैपटॉप के ऑर्डर की ज़रुरत होगी. माना जा रहा है कि अक्तूबर 2007 तक ये सस्ते लैपटॉप विकासशील देशों के बच्चों के हाथों में आ जाएँगे. 'हर बच्चे के लिए एक लैपटॉप' परियोजना के सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट के प्रमुख वॉल्टर बेंडर ने कहा, "हालांकि अभी इसके लिए कुछ सॉफ़्टवेयर तैयार किया जाना बचा है लेकिन यह हमारे लिए एक बड़ा क़दम है." इस संस्था ने अभी स्पष्ट नहीं किया है कि पहली मशीनें किन देशों को दी जाएँगीं. लंबी यात्रा सौ डॉलर वाले लैपटॉप की अब तक की यात्रा आसान नहीं रही है. ओएलपीसी के संस्थापक निकोलस नैग्रोपॉन्टे ने इसका प्रस्ताव 2002 में रखा था. तब से इसका जितना स्वागत किया गया, उतनी निंदा भी की गई.
थोड़े दिन पहले ही इस परियोजना से जुड़ने वाले इंटेल के चेयरमैन क्रेग बैरेट ने पहले इसे "सौ डॉलर वाला गैजेट" कहा था. वहीं माइक्रोसॉफ़्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने इसके डिज़ाइन पर सवाल उठाया था और कहा था कि एक तो इसमें हार्डड्राइव नहीं है और दूसरे इसकी स्क्रीन बहुत छोटी है. इस लैपटॉप का विरोध करने वाले लोगों ने यह सवाल भी उठाया था कि जिन देशों में पानी, स्वास्थ्य और साफ़-सफ़ाई की ज़रुरत है, वहाँ क्या लोगों को लैपटॉप देने की ज़रुरत है? लेकिन इसका जवाब देते हुए निग्रोपॉन्टे ने हमेशा कहा, "यह कोई लैपटॉप परियोजना नहीं है बल्कि यह एक शिक्षा परियोजना है." उन्होंने पहले कहा था कि उनकी पहल को नकारने के लिए कंप्यूटर के बड़े व्यावसायियों को अपने आप पर शर्मिंदा होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया था कि इंटेल छात्रों के लिए बनाए गए अपने लैपटॉप को लागत से भी कम दामों में इसलिए बेच रहा है ताकि विकासशील देशों में ओएलपीसी का लैपटॉप न बिक सके. इस परियोजना से सहमत संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महानिदेशक कोफ़ी अन्नान ने कहा था कि यह विश्व एकता की अभिव्यक्ति है. इस लैपटॉप को ख़रीदने के लिए सहमति जताने वालों में ब्राज़ील, अर्जेंटीना, उरुग्वे, नाइजीरिया, लीबिया, पाकिस्तान और थाइलैंड हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि इसे ख़रीदने वाले देश एक साथ ढाई लाख लैपटॉप ख़रीदने में सक्षम होंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें सौ डॉलर वाले लैपटॉप में इंटेल भी14 जुलाई, 2007 | विज्ञान इस साल आएगा सौ डॉलर वाला लैपटॉप02 जनवरी, 2007 | विज्ञान केवल 100 डॉलर वाला लैपटॉप 18 नवंबर, 2005 | विज्ञान चाभी वाला लैपटॉप सिर्फ़ 100 डॉलर में29 सितंबर, 2005 | विज्ञान केवल दस हज़ार रूपए में कंप्यूटर15 मई, 2005 | विज्ञान मीलों के दायरे में वायरलेस ब्रॉडबैंड19 अप्रैल, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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