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राम और लक्ष्मण को अलग किया गया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित सरकारी अंबेडकर अस्पताल में मंगलवार को लगभग आठ घंटे के ऑपरेशन के बाद पेट से जुडे़ दो बच्चों राम और लक्ष्मण को अलग-अलग कर दिया गया है. दस महीने के ये दोनों जुड़वाँ बच्चे स्वस्थ बताए गए हैं. अस्पताल के सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉक्टर अशोक शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकों के एक दल ने ऑपरेशन कर दोनों को अलग किया. इन बच्चों का पेट और कई आंतरिक अंग जुड़े हुए थे. छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला मौक़ा है जब इस तरह का ऑपरेशन किया गया. सफल ऑपरेशन डॉक्टर अशोक शर्मा ने ऑपरेशन को सफल बताते हुए कहा कि अभी बच्चों को कई सप्ताह तक गहन निगरानी में रखना होगा. बच्चों की मां प्रेमवती ऑपरेशन सफल होने की ख़बर से अभिभूत थीं.
भारतीय समाज में कुछ ऐसे अंधविश्वास प्रचलित हैं जिनके तहत ऐसे बच्चों को ईश्वर का प्रकोप समझा जाता है. दुनिया में पैदा होने वाले दो लाख बच्चों में एक पैदाइश ऐसे जुड़वाँ बच्चों की होती है जो शारीरिक रूप से भी जुड़े हुए होते हैं. इस तरह के जुड़वाँ बच्चों में से भी क़रीब 60 प्रतिशत तक जन्म से पहले ही मर जाते हैं और क़रीब 35 प्रतिशत जन्म के 25 घंटे तक ही जीवित रह पाते हैं. जो ज़्यादा समय तक जीवित रहते भी हैं तो उनकी जटिलताएँ इतनी हो जाती हैं कि उनकी ज़िंदगी बहुत मुश्किल हो जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें करिश्मे से कम नहीं ये जुड़वाँ बच्चे03 मई, 2007 | विज्ञान जुड़वाँ बहनों को अलग करने की तैयारी03 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान जुड़वाँ भाइयों की मदद करेंगे जुडवाँ भाई06 जून, 2005 | भारत और पड़ोस दुनिया की सबसे छोटी बच्ची है रुमैसा22 दिसंबर, 2004 | पहला पन्ना साथ-साथ जीने की इच्छा है05 मई, 2004 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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