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साथ-साथ जीने की इच्छा है | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में जुड़वाँ बहन-भाई बड़ी संख्या में हैं लेकिन ऐसे शायद मुट्ठी भर ही हैं जिनके शरीर आपस में जुड़े हुए हैं. आपको ईरान की लालेह और लादेन बहनें तो याद होंगी जिन्होंने 29 साल की उम्र में पिछले साल ऑपरेशन कराया था लेकिन बच नहीं सकीं. अमरीका की लोरी और रीबा शैपेल भी ऐसी ही दो बहनें हैं जिनके सिर जुड़े हुए हैं और दिमाग़ की तीस प्रतिशत कोशिकाएँ भी. यही नहीं उनकी बाँई आँख भी साझी है, यानी दोनों के चेहरे एक साथ एक तरफ़ नहीं देख सकते. उन्होंने आज तक एक दूसरे की शक्ल नहीं देखी-सिवाय आईने में देखने के. इनको देखने वाले इनके हाल पर तरस खाते हैं. लेकिन लोरी और रीबा को यह पसंद नहीं है. उन्हें क़िस्मत से या क़ुदरत से कोई शिकायत नहीं है. वे कहती हैं, "हम जैसी हैं उसी हाल में ख़ुश हैं. हम सिर्फ़ दुनिया को ख़ुश करने के लिए अपनी जान का ख़तरा क्यों उठाएँ."
दोनों के दिमाग़ जुड़े हैं लेकिन उनका कहना है कि उनकी सोच, भावनाएँ और शख़्सियत अलग-अलग है. इन बहनों की उम्र 42 साल है और वे कहती हैं कि उन्हें किसी तरह की कोई समस्या नहीं है और न ही किसी की मदद की ज़रूरत है. दोनों का कहना है, "ऐसा कुछ नहीं है जो हम नहीं कर सकते. हमें किसी से यह जानने की ज़रूरत नहीं है कि हम गुज़ारा कैसे करें." रीबा एक गायिका है और अमरीका, जर्मनी और जापान में अपनी कला का प्रदर्शन भी कर चुकी है और ईनाम भी जीत चुकी है. लोरी एक अस्पताल में काम करती है लेकिन केवल अंशकालिक ताकि वह अपनी बहन का साथ दे सकें. फ़ैसले लेने का काम भी लोरी करती है. वह कहती है, "मैं हमेशा से दबंग रही हूँ. वह तो एक बच्ची की तरह है और मैं माँ जैसी. वह हमेशा मेरा कहना मानती है." |
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