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'नेट पर विकलांगों के लिए सुविधा नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक सर्वेक्षण के मुताबिक दुनिया की ज़्यादातर वेबसाइटें ऐसी सुविधा प्रदान करने में विफल रही हैं जिससे शारीरिक रूप से विकलांग भी इनका इस्तेमाल कर सकें. सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि 97 फ़ीसदी वेबसाइटें तो न्यूनतम आधारभूत सुविधाओं के पैमाने पर भी खरी नहीं उतरतीं. इंटरनेट पहुँच से संबंधित एक एजेंसी नोमेन्सा ने दुनिया भर के बीस देशों के पाँच भिन्न क्षेत्रों की अग्रणी वेबसाइटों का परीक्षण किया. ये क्षेत्र थे- यात्रा, खुदरा व्यापार, बैंकिंग, सरकार, और मीडिया. केवल तीन वेबसाइटें ही न्यूनतम मानकों को पूरा करती हुई पाई गईं जिनमें ब्रितानी प्रधानमंत्री की वेबसाइट भी शामिल है. इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय विकलांगता दिवस के एक हिस्से के रूप में शामिल किया है. ब्रिटेन में जिन वेबसाइटों का परीक्षण किया गया उनमें प्रमुख थीं-- मार्क्स एंड स्पेंसर, लॉयड्स टीएसबी, ब्रिटिश एयरवेज़ और दी गार्जियन. बीबीसी की वेबसाइट को इस सर्वेक्षण में शामिल नहीं किया गया है. मानकों पर खरी नहीं उतरतीं ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के अलावा स्पेन सरकार और जर्मनी की चांसलर की वेबसाइट ही ज़्यादातर न्यूनतम मानकों पर खरी उतर पाईं. 93 फ़ीसदी वेबसाइटें ग्राफिक्स को समझ पाने के लिए पर्याप्त लिखित विवरण देने में विफल रहीं. 73 फ़ीसदी वेबसाइटें अपना अधिकांश काम जावा स्क्रिप्ट के ज़रिए करती 78 फ़ीसदी वेबसाइटें उन रंगों का इस्तेमाल करती पाईं गईं जिनसे रंगांधों को समस्या हो सकती है. सर्वेक्षण में जिन देशों की वेबसाइटों को शामिल किया गया वे थे- अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील, कनाडा, चिली, चीन, फ़्रांस, जर्मनी, भारत, जापान, कीनिया, मैक्सिको, मोरक्को, रूस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, और संयुक्त राज्य अमेरिका. इंटरनेट या वेब की दुनिया तक सभी के समान पहुँच का विचार रखने वाले लोगों को रिपोर्ट में उजागर हुए तथ्यों से निराशा ही पहुँची है. | इससे जुड़ी ख़बरें इंटरनेट बना सहायता का प्रमुख ज़रिया01 जनवरी, 2005 | विज्ञान संयुक्त राष्ट्र का सूचना तकनीक पर पहला सम्मेलन16 दिसंबर, 2003 | विज्ञान विकलाँग भी वेबसाइट देख सकेंगे11 जनवरी, 2004 | विज्ञान बिना अंग्रेज़ी इंटरनेट का इस्तेमाल19 जुलाई, 2004 | विज्ञान डिजिटल विभाजन ख़त्म करने की अपील17 नवंबर, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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