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विकलाँग भी वेबसाइट देख सकेंगे
अब एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है जो उन लोगों को इंटरनेट का उपयोग करने में सहायता करेगा जो सीखने में ख़ासकर पढ़ने में असक्षम हैं और विकलाँगों की श्रेणी में आते हैं. यह सॉफ़्टवेयर इस साल के अंत तक बाज़ार में आ जाएगा. इस सॉफ़्टवेयर का नाम कम्युनिकेट वेबवाइज़ है और यह सभी सूचनाओं को या तो प्रतीक चिन्हों में बदल देता है या फिर उसका तर्जुमा सरल भाषा में कर देता है. इस सॉफ़्टवेयर को विकसित करने वाली कंपनी विडजिट सॉफ़्टवेयर का दावा है कि यह लगभग सभी वेबपेजों को सरल बना देता है बशर्ते उसमें जावा या फ़्लैश सॉफ्टवेयर के कठिन हिस्सों का उपयोग न किया गया हो. इस सॉफ़्टवेयर में वेबसाइट रेबस सिस्टम का उपयोग करती है. यह सिस्टम 1960 के दशक में उन लोगों के लिए विकसित किया गया था जिन्हें सीखने में थोड़ी- बहुत दिक्कत है. अब इस सॉफ़्टवेयर को वेबसाइट में उपयोग के लिए भी तैयार कर दिया गया है.
विडजिट के साथ काम कर रहे शिक्षा सलाहकार क्रिस हॉपकिंस का कहना है, ''यह उन लोगों के लिए है जो आमतौर पर वेबसाइट का उपयोग नहीं कर सकते क्योंकि वे उसकी भाषा को समझ नहीं सकते.'' इसमें लिंक को अलग अलग रंगों में दिखाया जाता है जिससे नेवीगेशन में दिक्कत न हो. इस सॉफ़्टवेयर में शिक्षक और अन्य लोग तो वेबसाइट को सामान्य रुप से ही देख सकेंगे और फिर वे इसे ज़रूरत पड़ने पर विकलाँगों के लिए परिवर्तित कर सकते हैं. इसकी क़ीमत सत्तर पाउँड यानी क़रीब साढ़े पाँच हज़ार रुपए के आसपास होने की संभावना है. |
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