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सुरक्षित ई-मेल भेजने वाला सॉफ़्टवेयर
ई-मेल के ज़रिए वायरस भेजने के बढ़ते ख़तरे से निपटने के प्रयासों के तहत माइक्रोसॉफ़्ट ने अब सुरक्षित ई-मेल भेजने वाला सॉफ़्टवेयर बनाने का दावा किया है. कंपनी ने अपने लोकप्रिय सॉफ़्टवेयर 'ऑफ़िस' के ज़रिए ई-मेल को और सुरक्षित बनाने का दावा किया है. कंपनी का कहना है कि इस नए नुस्ख़े के तहत ई-मेल पाने वाले पर किसी और को भेजने यानी फॉरवर्ड करने और उसका प्रिंट लेने पर पाबंदी होगी. माइक्रोसॉफ़्ट का कहना है कि इस नए सॉफ़्टवेयर को इन्फ़ोर्मेशन राइट्स मैनेजमेंट यानी सूचना अधिकार प्रबंधन नाम दिया गया है. कंपनी का कहना है कि इसके तहत ई-मेल भेजने वाले अब यह भी पाबंदी लगा सकेंगे कि कौन उस ई-मेल को पढ़ या नहीं पढ़ सकेंगे. इस सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल ख़ासतौर से सरकार और व्यावसायिक कंपनियाँ संवेदनशील सूचनाएं भेजने के लिए कर सकेंगी. ख़तरा हाल के दिनों में ई-मेल के ज़रिए वायरस भेजने का चलन बढ़ा है जिससे बहुत से कंप्यूटरों पर असर पड़ा और बड़ा नुक़सान भी हुआ. हाल के दिनों में ही अमरीका में ऐसे ही ख़तरनाक ई-मेल भेजने के आरोप में बहुत से लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. माइक्रोसॉफ़्ट का कहना है कि ऑफ़िस-2003 सॉफ़्टवेयर इसी सप्ताह मंगलवार को बाज़ार में उतारा जा रहा है जिसके तहत ई-मेल के जीवन के बारे में समय सीमा निर्धारित की जा सकेगी जिसके बाद वह ख़ुद ही नष्ट हो जाएगा. इस सॉफ़्टवेयर में यह भी व्यवस्था होगी कि माइक्रोसॉफ़्य एक्सेल में भी सुरक्षित जानकारी को गुप्त रखा जा सकेगा. इसके ज़रिए यह भी व्यवस्था की जा रही है कि ई-मेल को आसान तरीक़े से पढ़ा जा सके जिससे उसे छापने की ज़रूरत ना पड़े. लेकिन इस नए सॉफ़्टवेयर को विरोध का भी सामना करना पड़ सकता है. अमरीका में किसी ई-मेल को नष्ट करना एक संघीय अपराध है और इसे इसी तरह गंभीर माना जाता है जिस तरह महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को नष्ट करना. एक दलाल कंपनी मोर्गन स्टेनली पर अपने ई-मेलों का रिकॉर्ड नहीं रख पाने के आरोप में क़रीब साढ़े सोलह लाख डॉलर का जुर्माना हुआ था. |
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