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चुंबन ला सकता है दिमाग़ में सूजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चुंबन में भी भला कोई बुराई हो सकती है, कम से कम प्रेमी तो इससे सहमत नहीं ही होंगे. प्यार के बुख़ार तक तो ठीक है लेकिन अब वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि बहुत अंतरंग चुंबन से दिमाग़ी बुख़ार होने का ख़तरा चार गुना तक बढ़ सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ लोगों की जीभ पर मेनिनगोकोकैल नाम के बैक्टीरिया होते हैं, जिनसे मैनिनजाइटिस या दिमाग़ी बुख़ार फैलता है. शोध करने वालों का कहना है कि जो लोग चुंबन में जीभ का इस्तेमाल करते हैं यह उन लोगों में तेज़ी से फैलता है. ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने किशोर वय के 144 लोगों पर शोध करके यह निष्कर्ष निकाला है, यह शोध उन लोगों के बीच किया गया है जो दिमाग़ी बुख़ार के शिकार हो चुके हैं. पंद्रह से उन्नीस वर्ष उम्र के इन छात्र-छात्राओं से बातचीत के अलावा उनके लार के नमूनों का वैज्ञानिक विश्लेषण भी किया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग अपने प्रेमी-प्रेमिका बार-बार बदलते हैं उनमें दिमाग़ी बुख़ार होने का ख़तरा और अधिक होता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि किशोर-किशोरियों को अधिक सावधान रहना चाहिए लेकिन साथ ही वे कहते हैं कि इस चेतावनी से भी उनका व्यवहार नहीं बदलने वाला है. मेनिनजाइटिस रिसर्च फाउंडेशन की लिंडा ग्लेन कहती हैं, "हम नहीं चाहते कि कॉलेज के लड़के-लड़कियाँ साधु बन जाएँ लेकिन हम चाहते हैं कि वे इस ख़तरे के प्रति आगाह तो रहें." औसतन दस में से एक किशोर वय के व्यक्ति की जीभ पर मेनिनगोकोकैल बैक्टीरिया पाया जाता है. इस शोध के समन्वयक प्रोफ़ेसर रॉबर्ट बूए का कहना है कि "तरह-तरह के बैक्टीरिया हमारे शरीर में रहते हैं, कुछ लोगों में मैनिनगोकोकैल बैक्टीरिया भी होता है. वह शरीर से बाहर नहीं रह सकता लेकिन एक जीभ से दूसरे जीभ तक वह बहुत आसानी से जा सकता है." मेनिनजाइटिस का इलाज समय पर न होने पर यह जानलेवा बीमारी बन जाती है, इसमें तेज़ बुख़ार, उल्टी और शरीर में तेज़ दर्द जैसे लक्षण होते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें आकर्षित करते हैं होंठ05 मार्च, 2003 | विज्ञान सार्वजनिक स्थलों पर चुंबन पर रोक की तैयारी09 नवंबर, 2003 | पहला पन्ना चुंबन का नया विश्व रिकॉर्ड बना15 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना करीना-शाहिद के चित्रों को लेकर बवाल16 दिसंबर, 2004 | मनोरंजन चुंबन मामले में अख़बार ने खेद जताया18 दिसंबर, 2004 | मनोरंजन यौन शिक्षा की मुश्किलें23 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना कामसूत्र से प्रेरित चायदानियाँ28 जून, 2003 | पहला पन्ना दे गए जीवनदायी चुंबन05 अगस्त, 2003 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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