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दो मुँह वाले दुर्लभ साँप की बिक्री | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अमरीकी एक्वेरियम दो मुँह वाले ऐसे अनोखे साँप की नीलामी कर रहा है जो दुनिया भर में इस तरह का अकेला साँप है. इंटरनेट वेबसाइट ई-बे पर इस साँप की नीलामी रखी गई है और शुरुआती क़ीमत डेढ़ लाख डॉलर माँगी गई है. अमरीका के सेंट लुई नामक शहर में वर्ल्ड एक्वेरियम में यह साँप पिछले क़रीब छह साल से है और इसका नाम 'वी' है. एक्वेरियम के अध्यक्ष लियोनार्ड सोनेन्शीं ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह कला का यह बेशक़ीमती नमूना लोगों में भारी दिलचस्पी जगाएगा. वी नामक इस साँप की बिक्री इसलिए की जा रही है ताकि इससे मिलने वाली रक़म हो शिक्षा, संरक्षण और शोध कार्यों पर ख़र्च किया जा सके. एक्वेरियन ने इस साँप को 15 हज़ार डॉलर में तब ख़रीदा जब यह साढ़े छह साल का था, यह जानते हुए भी कि दो मुँह वाले इस तरह के साप सिर्फ़ कुछ महीने से ज़्यादा नहीं जी पाते हैं. सोनेन्शीं ने कहा, "यह अनोखा साँप है. जब लोग इसे देखते हैं तो भौंचक्के रह जाते हैं." ढाई सेंटीमीटर मोटाई और क़रीब चार फुट लंबा यह साँप बिल्कुल स्वस्थ है और इसके अभी दस से पंद्रह साल जीने की संभावना है. यह साँप इसलिए इतना लंबा जी सका है क्योंकि इसके दोनों सिर पेट से जुड़े हुए हैं. इस साँप को 2004 में शहर संग्रहालय के एक कर्मचारी ने चुरा लिया था और वह इसे बेचने ही वाला था कि अधिकारियों को इसे बरामद करने में कामयाबी मिल गई. | इससे जुड़ी ख़बरें साँपों से परेशान लोगों के लिए हेल्पलाइन17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस अजगर और घड़ियाल का झगड़ा06 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना यह नागलोक है, सचमुच का नागलोक06 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस साँप-बिच्छुओं का ज़हर बेअसर27 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस सँपेरों ने साँप छोड़ने की धमकी दी 25 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस रोज़ी-रोटी के लाले पड़ रहे हैं सँपेरों को09 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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