BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 15 नवंबर, 2005 को 04:07 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मलेरिया का मुक़ाबला फफूंद के सहारे
शायद मच्छर फफूंद के ख़िलाफ़ प्रतिरोध विकसित नहीं कर पाएँ
एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पूर्वी अफ़्रीका में पाई जाने वाली एक फफूंद प्रजाति को मलेरिया के ख़िलाफ़ अत्यंत कारगर पाया गया है.

नीदरलैंड्स, तंज़ानिया और ब्रिटेन के विशेषज्ञों के एक दल ने कैमरून में मलेरिया पर आयोजित एक सम्मेलन में अपने अध्ययन का ब्योरा प्रस्तुत किया है.

इस अध्ययन के अनुसार फफूंद की एक विशेष प्रजाति में मच्छरों को संक्रमित कर उनका जीवन सीमित करने की क्षमता है.

अच्छी बात तो यह है कि इस फफूंद के प्रभाव में मच्छरों की औसत आयु में दो तिहाई की कमी हो जाती है यानि वे मात्र सात दिन ज़िंदा रह पाते हैं.

नीदरलैंड्स के वैजीनाइन विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर विलेम टैकेन के अनुसार फफूंद के असर में मच्छरों की मलेरिया परजीवी फैलाने की क्षमता भी नाकाम हो जाती है.

उन्होंने कहा, "फफूंद के प्रभाव में आते ही मच्छर ख़ून पीना बंद कर देते हैं. ऐसी स्थिति बन जाती है मानो उनकी भूख ही ग़ायब हो गई हो. वे पानी या कोई अन्य द्रव पीएँगे, न कि ख़ून."

हर तरह से प्रभावी

प्रोफ़ेसर टैकेन के अनुसार फफूंद से प्रभावित मच्छरों में मलेरिया परजीवी का विकास भी रुक जाता है.

 फफूंद के प्रभाव में आते ही मच्छर ख़ून पीना बंद कर देते हैं. ऐसी स्थिति बन जाती है मानो उनकी भूख ही ग़ायब हो गई हो.
प्रोफ़ेसल विलेम टैकेन

वैज्ञानिकों ने फफूंद को लेकर तंज़ानिया में प्रयोग किए हैं. उन्होंने मच्छर प्रभावित एक सतह के 20 प्रतिशत हिस्से को फफूंदयुक्त चादर से ढंकने के बाद पाया कि वहाँ मलेरिया प्रसार में 76 प्रतिशत की गिरावट आई.

वैज्ञानिकों को फफूंद के सहारे मलेरिया से लड़ने को लेकर विशेष उम्मीदें इसलिए भी हैं कि मच्छरों के इसके ख़िलाफ़ प्रतिरोध विकसित करने की संभावना नहीं के बराबर है.

उल्लेखनीय है कि मच्छरों ने अधिकतर कीटनाशकों के ख़िलाफ़ प्रतिरोध विकसित कर लिया है यानि उन्हें कीटनाशकों के सहारे मारना आसान नहीं रह गया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
मलेरिया की दवा बनेगी असरदार
02 अक्तूबर, 2005 | विज्ञान
कमी हो सकती है मलेरिया की दवाओं की
09 नवंबर, 2004 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>