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सौर मंडल में एक बड़े पिंड की खोज | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों ने सौर मंडल के बाहरी हिस्से में एक बड़े पिंड का पता लगाया है. अभी इस पिंड के बारे में ज़्यादा जानकारी इकट्ठा नहीं की जा सकी है, लेकिन खगोलविद इस खोज को एक बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं. एंडालुसिया स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ़ एस्ट्रोफ़िजिक्स के एक वैज्ञानिक दल ने इसे ढूँढा है और इसे 2003 ईएल61 नाम दिया गया है. खोज दल से जुड़े खगोलविद होजे लुइस ऑर्टिज़ ने बीबीसी को बताया, "नेप्चून से आगे के पिंडों के अध्ययन के दौरान हमें धीमी गति से घूम रहे इस चमकीले पिंड का पता चला." एक अमरीकी दल ने भी इस पिंड को खोजने का दावा किया है. बड़ा आकार वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2003 ईएल61 का आकार 1500 किलोमीटर से कम नहीं होगा. उल्लेखनीय है कि प्लूटो ग्रह का आकार 2274 किलोमीटर है. सौर मंडल में 2003 ईएल61 प्लूटो से भी बहुत आगे स्थित है. यह लगभग तय ही माना जा रहा है कि खोजा गया पिंड बर्फ़ और पत्थर का बना होगा. पिछले साल भी वैज्ञानिकों ने सौर मंडल के बाहरी हिस्से में 1700 किलोमीटर आकार वाले सेडना नामक एक पिंड खोज निकाला था. |
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