|
पलक झपकी तो दिमाग बंद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों का कहना है कि जब आप पलकें झपकते हैं तो उतने ही पलों के लिए आपके दिमाग के कुछ हिस्से भी काम करना बंद कर देते हैं. एक शोध में यह बात सामने आई है. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन की एक टीम ने शोध में पाया कि पलक झपकने के दौरान मस्तिष्क के दृष्टि से संबंधित हिस्से काम करना बंद कर देते हैं. करेंट बायोलॉजी में छपे लेख के अनुसार जब पलक झपकती है तभी भी आंखों में रोशनी जाती है पर मस्तिष्क के कुछ हिस्से काम नहीं करते. पलक झपकती है 100 से 150 मिलीसेकंड के लिए और हम एक मिनट में तक़रीबन सात से आठ बार ऐसा करते हैं ताकि आंखों की नमी बरकरार रह सके. नए शोध की मानें तो एक मिनट में सात आठ बार आपका मस्तिष्क का एक हिस्सा काम करना बंद कर देता है. अंधेरी दुनिया यूसीएल की टीम ने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्यों मनुष्य पर इस बात का असर नहीं पड़ता. इसके लिए एक विशेष उपकरण का प्रयोग किया गया जिसे लोगों के मुंह में रखा गया. इन लोगों ने चश्मे पहने थे और उनके दिमाग की अंदरुनी तस्वीरें ली जा रही थीं. इन तस्वीरों में दिमाग में हो रहे बदलाव दिखे लेकिन लोगों पर इसका प्रभाव कम पड़ता दिखा क्योंकि यह लगातार और बार बार हो रहा था. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||