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लुप्त माना जा रहा पक्षी देखा गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जिस ख़ूबसूरत पक्षी को अब से करीब 85 वर्ष पहले लुप्त मान लिया गया था उसने अचानक दर्शन देकर पक्षी विशेषज्ञों को चौंका दिया है. विज्ञान पत्रिका साइंस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ हाथी दाँत के रंग की चोंच और लाल कलगी वाले कठफोड़वा को अमरीका में देखा गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह लुप्त हो चुके प्राणी डोडो के देखे जाने से कम विस्मयकारी घटना नहीं है. ब्रिटेन की पक्षियों से संबंधित प्रतिष्ठित संस्था रॉयल सोसाइटी फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ बर्ड्स के एलेस्टर गैमल कहते हैं कि यह इतनी बड़ी घटना है कि हमारे लिए अपनी ख़ुशी बयान करना मुश्किल हो रहा है. उनका कहना है कि यह शायद दुनिया के सबसे खूबसूरत पक्षियों में से एक है. लेकिन यह इतना आसान नहीं था, वैज्ञानिकों ने एक साल की अथक कोशिश के बाद आख़िरकार अमरीका के अरकंसॉ प्रांत में इस पक्षी की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ही ली. इस नस्ल के कठफोड़वे की पहचान है उसका काला-सफ़ेद रंग और चमकदार लाल कलगी, यह पहले दक्षिण-पूर्वी अमरीका और क्यूबा में पाया जाता था. कठफोड़वा की इस लुप्त मानी जा रही नस्ल के देखे जाने के बाद यह उम्मीद जगी है कि इसी तरह के कुछ और पक्षी भी दूर-दराज़ के इलाकों में इक्का-दुक्का पाए जा सकते हैं. 1920 में इस कठफोड़वा प्रजाति को लुप्त घोषित कर दिया गया था लेकिन बीच-बीच में लोग अकेले पक्षी को देखने की बात कहते रहे, ऐसी ही एक जानकारी के बाद वैज्ञानिकों ने इस पक्षी की तलाश तेज़ कर दी थी. इस खोज की शुरूआत तब हुई थी जब 11 फरवरी 2004 को नाव चला रहे जीन स्पारलिंग ने लाल चोंच वाले विशाल पक्षी को पेड़ पर उतरते देखा, उन्होंने ऐसा पक्षी पहले कभी नहीं देखा था. उन्होंने कई पत्रिकाओं में इसकी तलाश की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा, बाद में विशेषज्ञों से बातचीत के बाद उन्हें पता चला कि उन्होंने कोई मामूली चिड़िया नहीं देखी है बल्कि वह तो लुप्त समझी जा रही प्रजाति का कठफोड़वा है. यह कठफोड़वा की लुप्त मानी जा रही छह प्रजातियों में से एक है और इसे दुनिया के सबसे बड़े कठफोड़वा पक्षियों में गिना जाता है. |
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