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लखनऊ में दुर्लभ पक्षी पकड़े गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के वन अधिकारियों ने कहा है कि तीन लोगों को लुप्त प्राय 21 प्रजातियों के पक्षियों को बेचते हुए पकड़ा है. इन पक्षियों में लाल मुंह वाली मुनिया, मैना, कबूतर, बुलबुल और कोयल समेत कई पक्षियां शामिल हैं. ये सभी प्रजातियां वन सुरक्षा अधिनियम के तहत सुरक्षित मानी गई हैं और इनकी खरीद बिक्री या इन्हें पकड़ना अवैध है. इन पक्षियों को पकड़ने पर तीन से सात साल की जेल हो सकती है. राजधानी लखनई में डिवीजनल वन अधिकारी चंद्र प्रकाश गोयल ने बताया कि शहर के नक्खास बाज़ार में क़रीब 700 पक्षियां जब्त की गई हैं.
नक्खास बाज़ार में सालों से पक्षियों की खरीद बिक्री होती रही है. स्थानीय लोग शौक पूरा करने के लिए चिड़िया खरीदते हैं. वन अधिकारी ने बताया कि जो पक्षी वन सुरक्षा क़ानून के तहत सुरक्षित घोषित नहीं की गई है उनकी खरीद बिक्री की जा सकती है. जिन पक्षियों को पकड़ा गया है उन्हें कुकरैल पिकनिक स्थल के पास रखा गया है. गिरफ्तार लोगों का कहना है कि वो जीवनयापन के लिए चिड़िया पकड़ने का धंधा करते हैं. इन तीनों को गुरुवार को अदालत में पकड़े गए पक्षियों के साथ पेश किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि पक्षियों के भविष्य का फैसला अदालत के फैसले के बाद किया जाएगा. |
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